भारत और यूरोपीय संघ ने यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद-टीटीसी के अंतर्गत तीन कार्य समूहों का गठन किया है। विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा है कि पिछले वर्ष अप्रैल में भारत यात्रा के दौरान यूरोपीय आयोग की अध्यक्षा उर्सुला वॉन फॉन डर लेयेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीटीसी की शुरुआत की थी। टीटीसी के अंतर्गत दोनों देश व्यापार और महत्वपूर्ण मामलों में एक दूसरे के साथ सहयोग करेंगे तथा व्यापार, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा से संबंधित चुनौतियों से निपटने में एक दूसरे का साथ देंगे।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि ये कार्यसमूह रणनीतिक तकनीकों, डिजिटल प्रशासन और डिजिटल कनेक्टिविटी, हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों और व्यापार, निवेश और मूल्य श्रृंखला दुरुस्त करने की दिशा में काम करेंगे। कार्यसमूह अब परिषद की पहली बैठक की तैयारियां शुरू करेंगे, जो अगले ईयू-भारत सम्मेलन 2023 के पहले होनी है। परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठकें साल में कम से कम एक बार होंगी, जो यूरोपीय संघ और भारत में बारी-बारी से होंगी।
बयान में कहा गया है, ‘तेजी से बदलते भूराजनीतिक वातावरण में ईयू और भारत की साझा दिलचस्पी सुरक्षा, समृद्धि और साझा किए मूल्यों के आधार पर टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने में है। टीटीसी इसके लिए राजनीतिक संचालन और आवश्यक संरचना प्रदान करेगा, जिससे तरीकों और उन्नत तकनीकी कार्य में तालमेल स्थापित हो सके।’
प्रख्यात साहित्यकार मणिशंकर मुखोपाध्याय, जिन्हें साहित्य जगत शंकर के नाम से जानता है, का 93…
देश में पूरी तरह डिजिटल नेशनल हाइवे टोलिंग सिस्टम विकसित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय…
अरुणाचल प्रदेश स्थापना दिवस 2026 (Arunachal Pradesh Foundation Day 2026) 20 फरवरी को मनाया जाएगा।…
भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी…
वर्ष 2026 में एक ऐतिहासिक कॉर्पोरेट उपलब्धि दर्ज हुई, जब Amazon ने वार्षिक राजस्व के…
कई वर्षों के प्रतिबंधों के बाद, अंतर्राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (IPC) ने आधिकारिक रूप से मिलान-कोर्टिना…