भारत ने म्यांमार के साथ अपनी विकास साझेदारी को और मजबूत करते हुए मंडाले क्षेत्र में तीन क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट (QIPs) सफलतापूर्वक सौंपे हैं। ये परियोजनाएँ आजीविका सुधार, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वच्छ ऊर्जा पर केंद्रित हैं, जो भारत की जन-केंद्रित और विकासोन्मुख कूटनीति को दर्शाती हैं।
परियोजना विवरण
परियोजना 1: बुनाई में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा
- अमरापुरा (मंडाले क्षेत्र) स्थित Saunder Weaving and Vocational Institute में
- भारत में निर्मित फ्लेक्सिबल रैपियर लूम (आधुनिक हाई-टेक बुनाई मशीन) स्थापित की गई।
उद्देश्य:
- बुनाई से जुड़ी व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करना
- युवाओं के कौशल विकास और रोजगार अवसर बढ़ाना
- यह पहल पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक से जोड़ती है।
परियोजना 2: गर्ल्स ट्रेनिंग स्कूल के लिए अधोसंरचना
- मंडाले में गर्ल्स ट्रेनिंग स्कूल के लिए एक एक-मंज़िला नई इमारत का निर्माण किया गया।
- इसका उद्घाटन अभय ठाकुर और मंडाले क्षेत्र के मुख्यमंत्री यू म्यो आंग ने किया।
उद्देश्य:
- छात्राओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और अनुकूल शिक्षण वातावरण
- यह परियोजना महिला शिक्षा, कौशल विकास और समावेशी विकास पर भारत के जोर को दर्शाती है।
परियोजना 3: स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरणीय स्थिरता
- कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन हेतु
- टार-फ्री और ड्राई-टाइप गैसीफिकेशन प्रक्रिया (स्लो पाइरोलिसिस) पर आधारित अनुसंधान।
उद्देश्य:
- ग्रामीण विद्युतीकरण
- स्वच्छ ऊर्जा विकास
- पर्यावरण संरक्षण
यह पहल स्थानीय क्षमता निर्माण और सतत ग्रामीण विकास में सहायक है।
परियोजनाओं का महत्व
तीनों QIPs मिलकर:
- तात्कालिक सामुदायिक जरूरतों को पूरा करते हैं
- दीर्घकालिक लक्ष्यों जैसे कौशल उन्नयन, लैंगिक सशक्तिकरण, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देते हैं
- ये परियोजनाएँ दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत को एक विश्वसनीय विकास साझेदार के रूप में मजबूत करती हैं।
पृष्ठभूमि: क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट (QIPs)
- QIPs भारत द्वारा साझेदार देशों में लागू की जाने वाली छोटी लेकिन प्रभावी विकास परियोजनाएँ हैं।
- इनका उद्देश्य कम समय में ठोस सामाजिक-आर्थिक लाभ पहुँचाना होता है।
- म्यांमार में भारत की QIPs मेकांग–गंगा सहयोग (MGC) ढांचे के तहत लागू की जाती हैं।
मुख्य बिंदु
- भारत ने म्यांमार को तीन QIPs सौंपे
- सभी परियोजनाएँ मंडाले क्षेत्र में स्थित
- एक परियोजना: भारतीय रैपियर लूम के जरिए बुनाई प्रशिक्षण
- दूसरी परियोजना: गर्ल्स ट्रेनिंग स्कूल के लिए नई इमारत
- तीसरी परियोजना: कृषि अपशिष्ट से स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण विद्युतीकरण
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