9 सितंबर, 2024 को कोचीन शिपयार्ड ने दो नए पोतों को लॉन्च करके भारत की नौसेना रक्षा क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया:
इन पनडुब्बी रोधी युद्ध पोतों को केरल के कोच्चि में आयोजित एक समारोह में लॉन्च किया गया।
लॉन्च की मुख्य विशेषताएँ
ASW-SWC प्रोजेक्ट: भारत की समुद्री रक्षा को मजबूत करना
परियोजना अवलोकन
भारत सरकार ने मेक इन इंडिया पहल के तहत 16 एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटरक्राफ्ट (ASW-SWC) जहाजों के निर्माण के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की। इस परियोजना का उद्देश्य है:
अनुबंध विवरण
अप्रैल 2019 में, केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने दो शिपयार्ड के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए:
प्रत्येक शिपयार्ड को आठ ASW-SWC जहाजों के निर्माण का काम सौंपा गया था।
पोत वर्गीकरण
इस परियोजना के परिणामस्वरूप ASW-SWC पोतों की दो श्रेणियाँ बनीं:
अर्नाला वर्ग: गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित
माहे वर्ग: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित
ASW-SWC परियोजना की प्रगति
माहे वर्ग के पोत (कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड)
अब तक पाँच पोत लॉन्च किए जा चुके हैं:
अर्नाला वर्ग के पोत (गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड)
अब तक छह पोत लॉन्च किए जा चुके हैं:
ASW-SWC पोतों की तकनीकी विशिष्टताएँ
प्राथमिक कार्य
भौतिक विशेषताएँ
आयुध और उपकरण
प्रदर्शन
चालक दल की क्षमता
ASW-SWC परियोजना का महत्व ASW-SWC परियोजना भारत की नौसेना क्षमताओं और रक्षा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है:
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