वर्ल्ड एनर्जी स्टैटिस्टिकल रिव्यू 2025 के अनुसार, भारत 2024 में बायोफ्यूल (जैव ईंधन) का चौथा सबसे बड़ा उपभोक्ता बन गया है, और उसने चीन को पीछे छोड़ दिया है। भारत की बायोफ्यूल खपत में एक साल में 40% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेज़ प्रगति को दर्शाता है। यह लगातार दूसरा साल है जब भारत ने इस मामले में चीन को पीछे छोड़ा है, हालांकि उत्पादन के मामले में भारत अभी भी पीछे है।
2024 में भारत ने प्रतिदिन 77 हजार बैरल तेल समतुल्य (kbbloe/d) बायोफ्यूल का उपयोग किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में बहुत अधिक था। वहीं चीन की खपत 60 kbbloe/d रही, जिसमें 18% की वृद्धि हुई।
एनर्जी इंस्टीट्यूट (EI) द्वारा KPMG और Kearney के सहयोग से तैयार की गई रिपोर्ट बताती है कि 2014 से 2024 के बीच भारत की बायोफ्यूल खपत हर साल औसतन 31.8% बढ़ी है।
बायोफ्यूल में एथेनॉल, बायोडीजल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल्स शामिल हैं, जो प्राकृतिक स्रोतों (जैसे कृषि अपशिष्ट) से बनाए जाते हैं और प्रदूषण व कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायक होते हैं।
हालांकि भारत की खपत चीन से ज़्यादा है, लेकिन बायोफ्यूल उत्पादन के मामले में चीन आगे है:
2024 में भारत ने 70 kbbloe/d बायोफ्यूल का उत्पादन किया
जबकि चीन ने 106 kbbloe/d उत्पादन किया
भारत का उत्पादन 2024 में 27% बढ़ा, और पिछले 10 वर्षों में औसतन 30.4% सालाना वृद्धि हुई है।
चीन की उत्पादन दर धीमी रही, लेकिन 2024 में 31% की तेज़ वृद्धि देखी गई।
2024 में वैश्विक स्तर पर बायोफ्यूल की मांग 2.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गई, जो एक नया रिकॉर्ड है।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे अधिक वृद्धि (47 kbbloe/d)
इसके बाद उत्तर अमेरिका (42 kbbloe/d)
अमेरिका सबसे बड़ा उपभोक्ता रहा (856 kbbloe/d), फिर ब्राज़ील, इंडोनेशिया, भारत और चीन का स्थान रहा।
हालांकि स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ा है, फिर भी 2024 में वैश्विक CO₂ उत्सर्जन में 1% की वृद्धि हुई—यह लगातार चौथे वर्ष एक नया रिकॉर्ड बना।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि जहां एक ओर स्वच्छ ऊर्जा तेज़ी से बढ़ रही है, वहीं कोयले और जीवाश्म ईंधन का उपयोग भी रिकॉर्ड स्तर पर बना हुआ है, विशेषकर चीन, जो अकेले ही पूरी दुनिया से ज़्यादा कोयला इस्तेमाल करता है।
रिपोर्ट में कहा गया:
“चीन वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को आकार देने में अहम भूमिका निभा रहा है। वह कोयले के साथ-साथ सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे नवीकरणीय स्रोतों में भी अग्रणी है। यह दुनिया के मिश्रित ऊर्जा भविष्य को दर्शाता है।”
बायोफ्यूल को आने वाले समय में परिवहन और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण घटाने के लिए एक महत्वपूर्ण समाधान माना जा रहा है।
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