ताशकंद में भारत उज्बेकिस्तान द्विपक्षीय निवेश संधि पर हस्ताक्षर किये गये

भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए, 27 सितंबर 2024 को ताशकंद, उज़्बेकिस्तान में दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय निवेश संधि पर हस्ताक्षर किए गए। यह संधि उज़्बेकिस्तान में भारतीय निवेशकों द्वारा किए गए निवेश और भारत में उज़्बेक निवेशक के हितों की रक्षा और सुरक्षा के लिए एक रूपरेखा प्रदान करती है।

द्विपक्षीय निवेश संधि पर किसने हस्ताक्षर किये?

भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय निवेश संधि पर 27 सितंबर 2024 को ताशकंद में भारतीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, निर्मला सीतारमण और उज़्बेकिस्तान के उप प्रधान मंत्री, खोदजायेव जमशेद अब्दुखाकिमोविच ने हस्ताक्षर किए। निर्मला सीतारमण एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की 9वीं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में भाग लेने के लिए उज्बेकिस्तान की आधिकारिक यात्रा पर थीं।

द्विपक्षीय निवेश संधि की विशेषताएं

  • सर्वोत्तम अंतरराष्ट्रीय मिसालों और प्रथाओं पर आधारित के आधार पर, यह द्विपक्षीय निवेश संधि, एक देश के नागरिकों द्वारा दूसरे देश में किए गए निवेश को कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है।
  • यदि सरकार द्वारा अगर किसी उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर देती है और उसमें दूसरे देश के निवेशक ने निवेश किया है तो यह संधि , निवेशक को निवेश को सुरक्षा प्रदान करती है।
  • यह न्यूनतम मानक का व्यवहार और गैर-भेदभाव सुनिश्चित करके अपने देश में दूसरे देश की कंपनियों के लिए समान अवसर प्रदान करता है।
  • यदि निवेश से संबंधित कोई विवाद होती है तो संधि एक स्वतंत्र मध्यस्थता तंत्र का भी प्रावधान करती है।
  • यह पारदर्शिता, स्थानांतरण और नुकसान के लिए मुआवजा प्रदान करता है। हालाँकि, ऐसे निवेशक और निवेश को सुरक्षा प्रदान करते समय, राज्य के विनियमन के अधिकार के संबंध में संतुलन बनाए रखा गया है और इस तरह पर्याप्त नीतिगत स्थान प्रदान किया गया है।
  • इस संधि से दोनों देशों में निवेशकों के व्यापारिक विश्वास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और सीमा पार निवेश को बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

उज़्बेकिस्तान में भारतीय निवेश

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, उज्बेकिस्तान में भारत का कुल निवेश करीब 61 मिलियन डॉलर है। अधिकांश निवेश फार्मास्यूटिकल्स, मनोरंजन पार्क, ऑटोमोबाइल घटकों और आतिथ्य उद्योग में है। भारतीय कंपनियों ने उज्बेकिस्तान में स्वास्थ्य सेवा, कपड़ा और ऑटो घटकों, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, और खनन और आभूषण क्षेत्र में निवेश करने में भी रुचि व्यक्त की है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 weeks ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 weeks ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 weeks ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

3 weeks ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

3 weeks ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

3 weeks ago