भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली में प्रतिनिधि-स्तरीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने वर्ष 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 200 अरब अमेरिकी डॉलर करने पर सहमति व्यक्त की। इस बैठक में रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, अवसंरचना और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े कई समझौते भी किए गए, जो भारत–UAE साझेदारी की बढ़ती गहराई को दर्शाते हैं।
भारत और UAE ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक दोगुना करने पर सहमति जताई। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई वार्ता के दौरान कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक ले जाने का निर्णय भारत और UAE के बीच बढ़ती आर्थिक परस्पर निर्भरता को रेखांकित करता है। UAE, भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और पश्चिम एशिया व अफ्रीका के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार भी है। यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य हाल के व्यापार सुगमता उपायों और निवेश प्रवाह से बनी गति पर आधारित है। दोनों देश पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर विनिर्माण, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, प्रौद्योगिकी और सेवाओं में सहयोग बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं, ताकि दीर्घकालिक और मजबूत आर्थिक विकास सुनिश्चित किया जा सके।
भारत और UAE ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक ढांचा समझौता करने हेतु आशय पत्र (LoI) पर हस्ताक्षर किए। यह बढ़ते आपसी विश्वास और साझा सुरक्षा हितों को दर्शाता है। एक अन्य आशय पत्र अंतरिक्ष अवसंरचना के विकास और उसके व्यावसायीकरण से जुड़ी संयुक्त पहलों पर केंद्रित है। ऊर्जा क्षेत्र में HPCL इंडिया और ADNOC गैस (UAE) के बीच बिक्री एवं क्रय समझौता हुआ, जिससे दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और सहयोग को मजबूती मिलेगी।
दोनों देशों ने भारत में एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने पर सहमति जताई, जो उन्नत प्रौद्योगिकी में गहरे सहयोग का संकेत है। UAE गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र के विकास में भी भागीदारी करेगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, रेलवे संपर्क, ऊर्जा अवसंरचना, पायलट प्रशिक्षण स्कूल और स्मार्ट शहरी टाउनशिप जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, भारत और UAE ने स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा के लिए द्विपक्षीय नागरिक परमाणु सहयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति व्यक्त की।
वित्तीय सहयोग को मजबूती देते हुए फर्स्ट अबू धाबी बैंक और DP वर्ल्ड ने गुजरात के GIFT सिटी में परिचालन शुरू करने की घोषणा की, जिससे भारत की वैश्विक वित्तीय एकीकरण क्षमता बढ़ेगी। सांस्कृतिक क्षेत्र में दोनों पक्षों ने अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ स्थापित करने पर सहमति जताई। इसमें भारतीय कला, विरासत और पुरातत्व का संग्रहालय शामिल होगा, जो दोनों देशों के बीच जन-जन संपर्क और सांस्कृतिक कूटनीति को और सुदृढ़ करेगा।
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