भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो ने संबंधों को बढ़ावा देने के लिए छह नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए

भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो ने 4 जुलाई 2025 को पोर्ट ऑफ स्पेन में छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों के बीच साझेदारी को कई क्षेत्रों में मजबूती मिलेगी। इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा, चिकित्सा, संस्कृति और खेल शामिल हैं। ये समझौते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की त्रिनिदाद एवं टोबैगो यात्रा के दौरान हुए, जो दोनों देशों के रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

25 वर्षों में पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा

यह 1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की त्रिनिदाद एवं टोबैगो की पहली आधिकारिक यात्रा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्रिनिदाद एवं टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर से मुलाकात की और सहयोग को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बातचीत की। दोनों नेताओं ने कृषि, शिक्षा, डिजिटल भुगतान और स्वास्थ्य सेवाओं में भविष्य की साझेदारी पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।

इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी गर्मजोशी और सम्मान का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री बिसेसर ने इसे एक “ऐतिहासिक क्षण” बताया जो दोनों देशों की मित्रता को नई ऊर्जा देगा।

छह समझौतों पर हस्ताक्षर

भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच छह समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देंगे:

  • औषधि मानकों में सहयोग

  • त्वरित विकास परियोजनाएं

  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान

  • खेलों का प्रचार-प्रसार

  • राजनयिक प्रशिक्षण

  • आधिकारिक दस्तावेज़ों और शोध साझा करना

इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न करना, सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना और जन-जन के बीच संबंधों को मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी घोषणा की कि अब त्रिनिदाद एवं टोबैगो में रहने वाले भारतीय मूल के लोग, भले ही वे छठी पीढ़ी के हों, भारत के ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह निर्णय प्रवासी भारतीयों को भारत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद एवं टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कांगालू से भी मुलाकात की। राष्ट्रपति कांगालू को हाल ही में प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। दोनों नेताओं की बैठक सौहार्दपूर्ण और सम्मानजनक रही। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति की जनसेवा और नेतृत्व की प्रशंसा की।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो “ग्लोबल साउथ” यानी वैश्विक दक्षिण के मुद्दों पर मिलकर कार्य करेंगे, जिनमें जलवायु संकट और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रमुख हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत को समर्थन देने के लिए त्रिनिदाद एवं टोबैगो का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 month ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 months ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago