भारत और सऊदी के बीच मजूबत होगी रणनीतिक साझेदारी

भारत और सऊदी अरब ने अपने बढ़ते रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए द्विपक्षीय वीज़ा छूट समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आधिकारिक यात्राओं को सरल और सुगम बनाना तथा भारत–सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद (Strategic Partnership Council) के तहत सहयोग को और सशक्त करना है। यह पहल कूटनीति, व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में विस्तृत होते द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाती है।

वीज़ा छूट समझौते पर हस्ताक्षर

  • यह समझौता रियाद (सऊदी अरब) में संपन्न हुआ।
  • भारत की ओर से समझौते पर सुहेल अज़ाज़ ख़ान, सऊदी अरब में भारत के राजदूत, ने हस्ताक्षर किए।
  • सऊदी अरब की ओर से अब्दुलमजीद बिन राशिद अलस्मारी, विदेश मंत्रालय के प्रोटोकॉल मामलों के उप मंत्री, ने हस्ताक्षर किए।

समझौते के प्रमुख प्रावधान

  • भारत और सऊदी अरब एक-दूसरे के अल्पकालिक वीज़ा (short-stay visa) की आवश्यकता से आपसी छूट प्रदान करेंगे।
  • यह छूट केवल राजनयिक (Diplomatic), विशेष (Special) और आधिकारिक (Official) पासपोर्ट धारकों पर लागू होगी।
  • यह समझौता केवल आधिकारिक यात्राओं तक सीमित है।
  • सामान्य पासपोर्ट धारकों या दीर्घकालिक प्रवास पर यह लागू नहीं होगा।
  • इसका मुख्य उद्देश्य प्रक्रियात्मक देरी को कम करना और द्विपक्षीय कार्यों से जुड़े अधिकारियों की आवाजाही को सुगम बनाना है।

उद्देश्य और रणनीतिक महत्व

भारतीय दूतावास के अनुसार, यह समझौता भारत–सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए किया गया है।

अधिकारियों के लिए यात्रा प्रक्रियाओं के सरलीकरण से:

  • बेहतर समन्वय
  • तेज़ निर्णय-प्रक्रिया
  • नियमित उच्च-स्तरीय संवाद को बढ़ावा मिलेगा।

यह समझौता भारत–सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद के प्रभावी संचालन में सहायक होगा, जो द्विपक्षीय सहयोग के लिए प्रमुख संस्थागत ढांचा है।

आसान आधिकारिक यात्रा से प्राथमिक क्षेत्रों में चर्चा और सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मुख्य बिंदु

  • भारत और सऊदी अरब ने रियाद में द्विपक्षीय वीज़ा छूट समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • समझौता राजनयिक, विशेष और आधिकारिक पासपोर्ट धारकों पर लागू होगा।
  • अल्पकालिक वीज़ा आवश्यकता से आपसी छूट प्रदान की गई है।
  • यह समझौता भारत–सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद को समर्थन देता है।
  • इसका उद्देश्य आधिकारिक यात्राओं और द्विपक्षीय आदान-प्रदान को सुगम बनाना है।
  • यह पहल भारत–पश्चिम एशिया संबंधों के सुदृढ़ीकरण को दर्शाती है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

भारत ने मालदीव को अपनी पहली हाई-स्पीड फेरी गिफ्ट की

भारत ने मालदीव को उसकी पहली हाई-स्पीड फेरी भेंट की है, जिससे प्रमुख एटोल्स के…

10 hours ago

लार्सन एंड टूब्रो और NVIDIA ने मिलकर भारत की पहली गीगावाट-स्केल AI फैक्ट्री बनाई

इंजीनियरिंग की बड़ी कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L&T) ने भारत में सॉवरेन गीगावाट-स्केल AI फैक्ट्री…

12 hours ago

GalaxEye ने सैटेलाइट इमेजरी को दुनिया भर में बेचने के लिए NSIL के साथ पार्टनरशिप की

भारत के तेजी से बढ़ते न्यू स्पेस इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण विकास में, स्पेस-टेक…

12 hours ago

भारत और यूके ने विजन 2035 के तहत ऑफशोर विंड टास्कफोर्स लॉन्च किया

भारत और यूनाइटेड किंगडम ने Vision 2035 के तहत स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने…

12 hours ago

भारत और फ्रांस ने दिल्ली के एम्स में गेम-चेंजिंग एआई सेंटर लॉन्च किया

भारत और फ्रांस ने एआई-संचालित स्वास्थ्य सहयोग में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नई दिल्ली…

12 hours ago

जापान ने ऐतिहासिक जीत के बाद साने ताकाइची को फिर से PM बनाया

जापान की साने ताकाइची को 18 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से दोबारा प्रधानमंत्री नियुक्त…

13 hours ago