भारत और ओमान ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर कर खाड़ी क्षेत्र में भारत की आर्थिक सहभागिता को नई ऊँचाई दी है। यह समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सुल्तान हैथम बिन तारिक की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जो इसके रणनीतिक और राजनीतिक महत्व को दर्शाता है।
1. भारतीय वस्तुओं के लिए अभूतपूर्व बाज़ार पहुँच
लाभान्वित क्षेत्र:
वस्त्र, चमड़ा, जूते, रत्न–आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि उत्पाद, फार्मा व मेडिकल डिवाइसेज़, ऑटोमोबाइल।
इससे रोज़गार सृजन, MSME, कारीगरों और महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा।
2. भारत की टैरिफ प्रतिबद्धताएँ
बहिष्कृत क्षेत्र:
डेयरी, चाय, कॉफी, रबर, तंबाकू; सोना–चाँदी बुलियन/आभूषण; जूते, खेल सामान; धातु स्क्रैप।
3. सेवाओं में ऐतिहासिक प्रतिबद्धताएँ (ओमान की पहली)
127 उप-क्षेत्रों में व्यापक सेवाएँ शामिल, जैसे—
4. भारतीय पेशेवरों के लिए बेहतर आवाजाही (Mode 4)
5. भारतीय कंपनियों के लिए 100% FDI
6. ऐतिहासिक प्रावधान
GMP निरीक्षण स्वीकृति
हलाल प्रमाणन और NPOP (ऑर्गेनिक) के लिए पारस्परिक मान्यता
गैर-टैरिफ बाधाओं के समाधान के प्रावधान।
रणनीतिक महत्व
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