Categories: Agreements

भारत और कोलम्बिया ने डिजिटल समाधान को साझा करने के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किये

भारत और कोलम्बिया ने डिजिटल रूपांतरण के लिए जनसंख्‍या स्‍तर पर कार्यान्वित सफल डिजिटल समाधान को साझा करने के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किये हैं। इस समझौता ज्ञापन पर इलेक्‍ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा कोलम्बिया के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्रालय के बीच हस्‍ताक्षर किये गए हैं। इलेक्‍ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक वक्‍तव्‍य में बताया कि दोनों पक्षों ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के महत्‍व पर चर्चा की।

यह बुनियादी ढांचे साझा डिजिटल प्रणालियों के एक समूह का गठन करते हैं। ये प्रणालियां सुरक्षित और अंतर-संचालनीय हैं। इन प्रणालियों को सार्वजनिक और निजी सेवाओं में तर्कसंगत उपलब्‍धता प्रदान करने के लिए खुले मानकों पर निर्मित किया जा सकता है। भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचनाओं द्वारा विकसित और कार्यान्वित इंडिया स्‍टैक सॉल्‍यूशंस को जनसंख्‍या स्‍तर पर सार्वजनिक सेवा देने के लिए इसकी उपलब्‍धता प्रदान की है। भारत डिजिटल रूपान्‍तरण पर आधारित विकास साझेदारी पर निर्मित को‍लम्बिया के साथ साझेदारी करने को इच्‍छुक है।

 

समझौता ज्ञापन के उद्देश्य:

डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देना: एमओयू का उद्देश्य क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देना, विशेष रूप से इंडिया स्टैक सॉल्यूशंस का लाभ उठाना है।

पायलट समाधानों का विकास: दोनों देश डिजिटल चुनौतियों से निपटने और सार्वजनिक सेवा वितरण को बढ़ाने के लिए पायलट या डेमो समाधानों के विकास पर सहयोग करेंगे।

 

डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) का महत्व:

साझा डिजिटल सिस्टम: सार्वजनिक और निजी सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए खुले मानकों पर निर्मित सुरक्षित और इंटरऑपरेबल डिजिटल सिस्टम के रूप में डीपीआई पर जोर दिया जाता है।

इंडिया स्टैक सॉल्यूशंस: जनसंख्या पैमाने पर लागू किए गए भारत के डीपीआई को सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच और वितरण प्रदान करने के लिए अनुकरणीय मॉडल के रूप में उजागर किया गया है।

 

सहयोग क्षेत्र:

क्षमता निर्माण: समझौता ज्ञापन कोलम्बिया में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को सुचारू रूप से अपनाने की सुविधा के लिए क्षमता निर्माण पहल पर जोर देता है।

निजी क्षेत्र की भागीदारी: सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से दोनों देशों के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र के संपर्कों की सुविधा पर जोर दिया गया है।

 

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

आकासा एयर IATA का हिस्सा बनने वाली भारत की 5वीं एयरलाइन बनी

भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…

1 day ago

स्काईडो को RBI से मिला PA‑CB लाइसेंस

भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…

2 days ago

विश्व हिंदी दिवस 2026: तारीख, इतिहास, महत्व, थीम

विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…

2 days ago

ऑस्कर 2026: 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर के लिए पांच भारतीय फिल्में क्वालीफाई

98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…

2 days ago

मिशन सुदर्शन चक्र: भारत के ड्रोन डिफेंस को मज़बूत बनाना

भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…

2 days ago

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए ‘आशा वैन’ मोबाइल यूनिट लॉन्च की

गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…

2 days ago