भारत ने यूनेस्को की संभावित सूची में 7 नए स्थल जोड़े

भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर की मान्यता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 12 सितंबर 2025 को, यूनिसे्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने घोषणा की कि सात नए स्थलों को यूनिसे्को विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची (Tentative List) में शामिल किया गया है। इस कदम के साथ भारत की इस सूची में कुल प्रविष्टियाँ 69 हो गई हैं, जिनमें 49 सांस्कृतिक, 3 मिश्रित और 17 प्राकृतिक धरोहर स्थल शामिल हैं।

अस्थायी सूची का उद्देश्य किसी स्थल को अंतिम विश्व धरोहर सूची के लिए नामांकित करने से पहले उसकी पहचान और महत्व को प्रमाणित करना है, जिससे वैश्विक स्तर पर स्थल की उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य की मान्यता मिलती है।

नई शामिल प्राकृतिक धरोहर स्थल

सातों नए स्थल प्राकृतिक धरोहर श्रेणी में शामिल किए गए हैं, जो भारत की पारिस्थितिक और भूवैज्ञानिक विविधता को दर्शाते हैं:

  1. डेक्कन ट्रैप्स (पंचगनी और महाबलेश्वर, महाराष्ट्र) – प्राचीन ज्वालामुखी क्षेत्र, महत्वपूर्ण भूवैज्ञानिक संरचनाओं के साथ।

  2. सेंट मैरीज़ द्वीप समूह की भूवैज्ञानिक धरोहर (उदुपी, कर्नाटक) – अद्वितीय स्तंभाकार बेसाल्टिक लावा संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध।

  3. मेघालयन युग की गुफाएँ (ईस्ट खासी हिल्स, मेघालय) – मेघालयन भूवैज्ञानिक युग से जुड़ी गुफाओं का जाल।

  4. नागा हिल ओफियोलाइट (किफ़िरे, नागालैंड) – प्राचीन महासागरीय क्रस्ट का दुर्लभ भूवैज्ञानिक रूप।

  5. एर्रा मट्टी डिब्बालु (विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश) – लाल रेत की टीलों का महत्व पूर्ण भू-आकृतिक स्थल।

  6. तिरुमला हिल्स (तिरुपति, आंध्र प्रदेश) – जैव विविधता और सांस्कृतिक महत्व से समृद्ध।

  7. वर्कला क्लिफ (वर्कला, केरल) – जीवाश्म समृद्ध तलछटों वाली तटीय लाल लेटराइट चट्टान।

इन सम्मिलनों से भारत की पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक धरोहर और सतत पर्यटन विकास के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।

अस्थायी सूची का महत्व

यूनिसे्को के प्रोटोकॉल के अनुसार, किसी स्थल को विश्व धरोहर सूची में नामांकित करने से पहले उसकी देश की अस्थायी सूची में शामिल होना आवश्यक है। यह सुनिश्चित करता है कि स्थल की उचित मूल्यांकन और संरक्षण योजना बनाई जाए।

भारत की अद्यतन अस्थायी सूची में कुल 69 स्थल शामिल हैं:

  • सांस्कृतिक स्थल: 49

  • प्राकृतिक स्थल: 17

  • मिश्रित स्थल: 3

इन नामांकनों की तैयारी और प्रस्तुतिकरण में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की भूमिका सराहनीय रही।

सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक मान्यता

इस घोषणा को यूनिसे्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से किया। उनके बयान में कहा गया कि ये नए सम्मिलन भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर संरक्षण की गहन प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं।

इस कदम से भारत की यूनिसे्को के वैश्विक धरोहर नेटवर्क में दृश्यता बढ़ी है और भविष्य में और अधिक स्थलों के नामांकन की संभावना मजबूत हुई है।

प्रमुख तथ्य

  • घोषणा की तिथि: 12 सितंबर 2025

  • प्राधिकरण: यूनिसे्को में भारत का स्थायी प्रतिनिधिमंडल

  • नई सम्मिलित स्थल: 7 प्राकृतिक स्थल

  • अस्थायी सूची में कुल स्थल: 69

    • सांस्कृतिक: 49

    • प्राकृतिक: 17

    • मिश्रित: 3

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

14 hours ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

3 days ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

4 days ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

5 days ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

5 days ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

6 days ago