भारत 2025 की शुरुआत में रिकॉर्ड सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन हासिल करेगा

भारत के ऊर्जा परिवर्तन के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए, देश ने वर्ष 2025 की पहली छमाही में अब तक का सबसे अधिक सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन किया है। ऊर्जा थिंक-टैंक Ember की रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ोतरी से स्वच्छ ऊर्जा का हिस्सा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा और वर्ष 2024 की इसी अवधि की तुलना में विद्युत क्षेत्र से कार्बन उत्सर्जन में 2.4 करोड़ टन की कमी आई। यह प्रदर्शन न केवल भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि देश सतत विकास की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है, भले ही इस अवधि में मौसम अपेक्षाकृत मध्यम रहा और बिजली की मांग में ठहराव देखा गया।

प्रमुख बिंदु व आँकड़े

सौर ऊर्जा में उछाल

  • सौर उत्पादन में 17 TWh (25%) की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

  • भारत की कुल बिजली उत्पादन में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 7.4% से बढ़कर 9.2% हो गई।

पवन ऊर्जा में वृद्धि

  • पवन ऊर्जा उत्पादन 11 TWh (29%) बढ़ा।

  • कुल ऊर्जा मिश्रण में पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी 4% से बढ़कर 5.1% तक पहुँच गई।

उत्सर्जन में कमी और कोयला ऊर्जा में गिरावट

  • स्वच्छ ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से बिजली क्षेत्र में 2.4 करोड़ टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आई।

  • इसी अवधि में कोयले से बिजली उत्पादन में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

बढ़ोतरी के प्रमुख कारण

1. मांग वृद्धि में कमी
2025 की पहली छमाही में बिजली की मांग सीमित रही, जिसका कारण अपेक्षाकृत ठंडा मौसम और एयर-कंडीशनिंग पर घटती निर्भरता रहा। इससे अक्षय ऊर्जा को ग्रिड में अधिक हिस्सेदारी पाने का अवसर मिला।

2. नीतिगत व अवसंरचनात्मक समर्थन
भारत सरकार द्वारा ग्रिड एकीकरण, ऊर्जा भंडारण और नियामक सुधारों पर लगातार ध्यान देने से सौर-पवन परियोजनाओं के लिए अनुकूल माहौल बना।

3. प्रौद्योगिकी व लागत प्रवृत्तियाँ
सौर पैनलों की लागत में गिरावट, पवन टरबाइनों की दक्षता में सुधार और परियोजना प्रबंधन में नवाचारों से अक्षय ऊर्जा की तैनाती अधिक किफायती और प्रभावी हुई है।

महत्वपूर्ण तथ्य (सारांश)

श्रेणी आँकड़ा वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि
सौर ऊर्जा उत्पादन +17 TWh +25 %
पवन ऊर्जा उत्पादन +11 TWh +29 %
सौर ऊर्जा हिस्सेदारी 9.2 % (2024: 7.4 %)
पवन ऊर्जा हिस्सेदारी 5.1 % (2024: 4 %)
CO₂ उत्सर्जन में कमी 24 मिलियन टन
प्रमुख कारण धीमी मांग वृद्धि, स्वच्छ ऊर्जा नीति, तकनीकी नवाचार

यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत न केवल नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन रहा है, बल्कि अपने ऊर्जा संक्रमण को भी पर्यावरण-अनुकूल और दीर्घकालिक रूप से स्थायी बना रहा है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

3 weeks ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

4 weeks ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

4 weeks ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

4 weeks ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

4 weeks ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

4 weeks ago