IISc ने नैनोपोर अनुसंधान के लिए स्ट्रॉन्ग की शुरुआत की

भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने STRONG (STring Representation Of Nanopore Geometry) नामक एक उन्नत भाषा विकसित की है, जो नैनोपोर की आकृति और संरचना को सांकेतिक रूप में प्रस्तुत करती है। यह नई भाषा मशीन लर्निंग (ML) मॉडल्स की मदद से नैनोपोर के गुणों की सटीक भविष्यवाणी को संभव बनाती है। यह शोध Journal of the American Chemical Society में प्रकाशित हुआ है और सामग्री विज्ञान और कम्प्यूटेशनल उपकरणों के एकीकरण में हो रहे प्रगतिशील विकास के अनुरूप है।

STRONG क्या है?

STRONG एक कम्प्यूटेशनल भाषा है जो नैनोपोर के किनारे पर मौजूद परमाणुओं की विभिन्न संरचनाओं को अक्षरों के रूप में प्रस्तुत करती है। उदाहरण:

  • ‘F’ = पूर्ण रूप से बंधित (fully bonded) परमाणु।
  • ‘C’ = कोने पर स्थित परमाणु, जो दो अन्य परमाणुओं से बंधित है।

इस प्रकार, STRONG नैनोपोर की संरचनाओं को एक अनुक्रम (sequence) में बदल देता है, जिससे उनके ऊर्जा स्तर और गैस ट्रांसपोर्ट अवरोध जैसे गुणों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

STRONG की मुख्य विशेषताएं

  1. डेटा में कमी: STRONG नैनोपोर की समान संरचनाओं को पहचान सकता है, भले ही वे घुमाई गई हों या प्रतिबिंबित हों। यह विश्लेषण और भविष्यवाणी के लिए आवश्यक डेटा की मात्रा को कम करता है।
  2. मशीन लर्निंग एकीकरण: STRONG से उत्पन्न अनुक्रमों को न्यूरल नेटवर्क द्वारा संसाधित किया जा सकता है, जिससे नैनोपोर की विशेषताओं की भविष्यवाणी संभव होती है।
  3. रिवर्स इंजीनियरिंग: STRONG की मदद से नैनोपोर को विशेष गुणों के साथ डिज़ाइन किया जा सकता है।

मशीन लर्निंग और STRONG

STRONG का डिज़ाइन विशेष रूप से मशीन लर्निंग मॉडल्स, विशेषकर न्यूरल नेटवर्क्स के साथ काम करने के लिए किया गया है। ये नेटवर्क, जो प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (जैसे ChatGPT) के लिए उपयोग होते हैं, लंबे अनुक्रमों को समझ सकते हैं और डेटा से पैटर्न सीख सकते हैं।

न्यूरल नेटवर्क की भूमिका:

  • लंबे अनुक्रमों को प्रबंधित करना।
  • डेटा के भीतर पैटर्न और संबंधों को पहचानना।
  • बड़ी मात्रा में जानकारी से सीखना।

STRONG डेटा पर न्यूरल नेटवर्क को प्रशिक्षित करके वैज्ञानिक नैनोपोर के गुणों का अनुमान लगा सकते हैं और इन्हें व्यावहारिक अनुप्रयोगों के लिए उपयोग में ला सकते हैं।

STRONG के अनुप्रयोग

  • गैस पृथक्करण (Gas Separation): नैनोपोर को प्रभावी गैस पृथक्करण के लिए डिज़ाइन करने में उपयोगी।
  • उन्नत सामग्री: सामग्री विज्ञान के विविध अनुप्रयोगों के लिए नैनोपोर संरचनाओं को अनुकूलित करना।

IISc और इसका योगदान

भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अपने उन्नत अनुसंधान के लिए जाना जाता है। STRONG का विकास इसकी नवाचार और अंतःविषय अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है।

सारांश

मुख्य बिंदु विवरण
खबर में क्यों? IISc ने STRONG विकसित किया, जो नैनोपोर की आकृतियों को वर्ण अनुक्रम में बदलकर ML आधारित भविष्यवाणी को सक्षम बनाता है।
STRONG का कार्य नैनोपोर की संरचनाओं को सांकेतिक रूप में बदलना (जैसे ‘F’=फुली बॉन्डेड, ‘C’=कॉर्नर परमाणु)।
फायदे समान संरचनाओं को घुमाव/प्रतिबिंब के बावजूद पहचानना, डेटा की मात्रा को कम करना।
ML एकीकरण STRONG अनुक्रम न्यूरल नेटवर्क द्वारा संसाधित, ऊर्जा स्तर और गैस ट्रांसपोर्ट अवरोध की भविष्यवाणी संभव।
अनुप्रयोग गैस पृथक्करण, रिवर्स इंजीनियरिंग, और सामग्री विज्ञान में प्रगति।
IISc का योगदान उन्नत अनुसंधान और नवाचार में एक अग्रणी संस्थान।
प्रकाशन शोध Journal of the American Chemical Society में प्रकाशित।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

2025 में महिलाओं के लिए सबसे अच्छा शहर रहा बेंगलुरु, जानें दूसरे नंबर पर कौन?

देश में महिला सुरक्षा के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे बेहतर शहरों के रूप…

27 mins ago

केयी पन्योर बना भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’

अरुणाचल प्रदेश का नवगठित जिला केयी पन्योर अब भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’ बनने जा…

1 hour ago

तमिलनाडु ने भारत की पहली डीपटेक स्टार्टअप पॉलिसी लॉन्च की

भारत के नवाचार पारितंत्र को बड़ी मजबूती देते हुए तमिलनाडु ने देश की पहली समर्पित…

1 hour ago

पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 94 साल की उम्र में निधन

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 07 जनवरी 2026 को…

16 hours ago

प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) 2026: तिथि, इतिहास, महत्व और मुख्य तथ्य

प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas – PBD), जिसे अनिवासी भारतीय (NRI) दिवस भी कहा…

17 hours ago

आधार सेवाओं की जानकारी देने के लिए शुभंकर ‘उदय’ लॉन्च, जानें सबकुछ

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सार्वजनिक संचार को अधिक सरल, मानवीय और नागरिक-केंद्रित बनाने…

17 hours ago