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इगा स्वियाटेक ने जीता विंबलडन का खिताब

पोलैंड की इगा स्वियाटेक ने 12 जुलाई 2025 को अपने करियर का पहला विंबलडन खिताब जीत लिया। उन्होंने फाइनल में अमेरिका की अमांडा अनीसिमोवा को सिर्फ 57 मिनट में 6-0, 6-0 से हरा दिया। यह मुकाबला टेनिस इतिहास के सबसे एकतरफा महिला फाइनल्स में से एक बन गया। “डबल बैगेल” स्कोरलाइन (दोनों सेट में 6-0) के साथ यह जीत इतिहास में दर्ज हो गई और इगा स्वियाटेक के करियर में एक और ग्रैंड स्लैम खिताब जुड़ गया।

स्वियातेक की शानदार विजय

24 वर्षीय इगा स्वियाटेक ने ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर पूरी तरह से दबदबा बनाया और अनीसिमोवा को अपने खेल में ढलने का कोई मौका नहीं दिया। इगा स्वियाटेक ने कुल 79 में से 55 अंक जीते, जबकि केवल 10 विनर लगाए। अनीसिमोवा की 28 अनफोर्स्ड एरर्स ने उनके लिए हालात और मुश्किल बना दिए। ग्रैंड स्लैम इतिहास में यह सिर्फ तीसरी बार हुआ है जब महिला फाइनल 6-0, 6-0 से समाप्त हुआ, और ऐसा पिछली बार 1988 में हुआ था।

इस जीत से इगा स्वियाटेक को अपना छठा ग्रैंड स्लैम खिताब मिला, और पहली बार घास (grass court) पर ट्रॉफी उठाई। वह अब एकमात्र सक्रिय महिला खिलाड़ी हैं जिनके पास क्ले, हार्ड और ग्रास—तीनों सतहों पर मेजर खिताब हैं। यह उनकी ग्रैंड स्लैम में 100वीं जीत भी थी, जिसे उन्होंने सिर्फ 120 मैचों में हासिल किया—इतिहास के सबसे तेज़ रिकॉर्ड में से एक।

अनीसिमोवा का कठिन दिन

23 वर्षीय अमांडा अनीसिमोवा ने अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचने के दौरान शानदार प्रदर्शन किया था, जिसमें उन्होंने सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर 1 आर्यना सबालेंका को हराया। लेकिन फाइनल में वह इगा स्वियाटेक की तेज़ी और रणनीति का सामना नहीं कर सकीं और कई गलतियां कर बैठीं। मैच के बाद वह बेंच पर बैठकर रोती नज़र आईं, जबकि इगा स्वियाटेक ने अपनी टीम के साथ जश्न मनाया।

अनीसिमोवा ने दो साल पहले मानसिक स्वास्थ्य के कारण टेनिस से ब्रेक लिया था और हाल ही में दृढ़ संकल्प के साथ वापसी की। पिछले साल तो वह विंबलडन के लिए क्वालिफाई भी नहीं कर पाई थीं, लेकिन इस बार फाइनल में पहुंचने के कारण अब वह पहली बार डब्ल्यूटीए टॉप 10 में जगह बनाएंगी।

इगा स्वियाटेक की वापसी की कहानी

इगा स्वियाटेक ने जून 2024 के फ्रेंच ओपन के बाद कोई खिताब नहीं जीता था और उनकी फॉर्म में गिरावट आई थी। इस वजह से विंबलडन में उन्हें आठवीं वरीयता मिली। 2024 में उन्हें एक महीने का डोपिंग बैन भी झेलना पड़ा था, जो बाद में एक चिकित्सीय पदार्थ के आकस्मिक संपर्क के रूप में स्पष्ट हुआ। इन सभी बाधाओं के बावजूद उन्होंने कोच की रणनीतियों पर भरोसा करते हुए घास पर अपना खेल निखारा और धमाकेदार वापसी की।

जीत के बाद उन्होंने कहा, “मैंने तो इसका सपना भी नहीं देखा था, मेरी टीम ने मुझ पर मुझसे ज़्यादा विश्वास किया।” इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान शाही बॉक्स में मौजूद कैथरीन, प्रिंसेस ऑफ वेल्स ने पुरस्कार समारोह में भाग लिया।

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vikash

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