जलवायु-प्रतिरोधी कृषि को मज़बूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के लिए अंतर्राष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक नई AI-संचालित जलवायु परामर्श सेवा शुरू की है। हैदराबाद में एक कार्यशाला में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य छोटे किसानों को व्यक्तिगत, वास्तविक समय की जलवायु संबंधी जानकारी प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है, जिससे उन्हें जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिल सके।
बदलते मानसून और जलवायु संकटों को देखते हुए यह पहल कई तरह से किसानों की मदद करेगी:
समय पर मौसम चेतावनियों से फसल नुकसान को कम करना
बुवाई, सिंचाई और कटाई की बेहतर योजना बनाना
डेटा-आधारित निर्णयों के ज़रिए सतत कृषि को बढ़ावा देना
यह पहल भारत में कृषि की जलवायु अनुकूलता को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…
भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…
विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…
98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…
भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…
गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…