हिमाचल प्रदेश बजट 2025-26: पर्यटन, ग्रामीण विकास और हरित ऊर्जा पर फोकस

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 58,514 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। यह बजट पर्यटन, ग्रामीण विकास और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, साथ ही राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) में कटौती और जीएसटी मुआवजे की वापसी जैसी वित्तीय चुनौतियों को भी संबोधित करता है।

वित्तीय चुनौतियां और कर्ज बोझ

मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने तीसरे बजट भाषण में राज्य की वित्तीय कठिनाइयों को रेखांकित किया। राजस्व घाटा अनुदान 2021-22 में 10,949 करोड़ रुपये से घटकर 2025-26 में 3,257 करोड़ रुपये रह गया है। केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी मुआवजा बंद किए जाने के कारण हिमाचल प्रदेश को 2023-24 तक 9,478 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

राज्य पर कुल कर्ज 1,04,729 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसमें से वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 29,046 करोड़ रुपये उधार लिए गए। इस राशि का 70% पिछले कर्ज और ब्याज चुकाने में खर्च हुआ, जबकि केवल 8,093 करोड़ रुपये विकास परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए।

पर्यटन को बढ़ावा: धार्मिक और इको-टूरिज्म पर जोर

बजट में पर्यटन को एक प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। सरकार धार्मिक पर्यटन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का विकास करेगी। इसके अलावा, चाय बागानों को इको-टूरिज्म केंद्रों में बदला जाएगा ताकि अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।

  • इको-टूरिज्म विस्तार: 2024 में 7 इको-टूरिज्म स्थलों को मंजूरी दी गई थी, जबकि अगले चरण में 78 नए इको-टूरिज्म स्थलों को विकसित किया जाएगा।
  • राजस्व सृजन: सरकार को अगले पांच वर्षों में इको-टूरिज्म से 200 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है।

हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण

मुख्यमंत्री सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के वनों को “उत्तर भारत के फेफड़े” करार दिया, जो मृदा संरक्षण, जल शुद्धिकरण, स्वच्छ वायु और जलवायु संतुलन जैसी महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय सेवाएं प्रदान करते हैं। इन सेवाओं का वार्षिक अनुमानित मूल्य 90,000 करोड़ रुपये है। सरकार इस योगदान के लिए 16वें वित्त आयोग से वित्तीय सहायता की मांग कर रही है।

इसके अतिरिक्त, 2025-26 में राज्य 500 इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगा ताकि कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सके। सतत शहरी परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शिमला रोपवे परियोजना भी अगले वित्तीय वर्ष में शुरू की जाएगी।

किसानों और कृषि के लिए समर्थन

सरकार ने किसानों और कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं:

  • दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि:
    • गाय का दूध: ₹45 से बढ़ाकर ₹51 प्रति लीटर
    • भैंस का दूध: ₹55 से बढ़ाकर ₹61 प्रति लीटर
  • प्राकृतिक खेती: वर्ष 2025-26 तक एक लाख किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लक्ष्य के तहत जोड़ा जाएगा। अब तक 1.58 लाख किसान इस पद्धति को अपना चुके हैं।
  • कच्ची हल्दी (Raw Turmeric) का MSP: प्राकृतिक रूप से उगाई गई कच्ची हल्दी के लिए किसानों को ₹90 प्रति किलोग्राम का MSP मिलेगा।
  • मसाला पार्क (Spice Park) का निर्माण: हमीरपुर में एक मसाला पार्क स्थापित किया जाएगा ताकि मसाला खेती और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिल सके।

रोजगार और मजदूरी वृद्धि

बजट में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत कार्य करने वाले मजदूरों के लिए राहत प्रदान की गई है।

  • दैनिक मजदूरी में वृद्धि: ₹20 की बढ़ोतरी के साथ मजदूरी ₹300 से बढ़ाकर ₹320 प्रति दिन कर दी गई है।
  • नई रोजगार योजनाएं: ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित कई नई योजनाएं शुरू की जाएंगी।

सामाजिक कल्याण पहल

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पेंशनभोगियों, महिलाओं, दिव्यांगों और बच्चों के लिए कई योजनाओं की घोषणा की:

  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन बकाया:
    • 70-75 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनभोगियों को मई 2025 में उनके बकाया पेंशन का भुगतान किया जाएगा।
    • पिछली बीजेपी सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के बकाया भुगतान में ₹10,000 करोड़ की देनदारी छोड़ी गई थी।
  • शिक्षा के लिए नए निदेशालय:
    • स्कूलों और कॉलेजों के लिए अलग-अलग निदेशालय स्थापित किए जाएंगे ताकि शिक्षा प्रशासन और नीति निर्माण को बेहतर किया जा सके।

नशीली दवाओं के दुरुपयोग और संगठित अपराध पर नियंत्रण

राज्य में बढ़ती नशीली दवाओं की समस्या और संगठित अपराध पर काबू पाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं:

  • विशेष टास्क फोर्स (STF): नशीली दवाओं से जुड़े मामलों को रोकने और नियंत्रित करने के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
  • हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2025:
    • गैर-कानूनी गतिविधियों और संगठित अपराध को रोकने के लिए यह नया कानून लागू किया जाएगा।
विषय विवरण
बजट आकार ₹58,514 करोड़ (वित्त वर्ष 2025-26)
वित्तीय चुनौतियाँ राजस्व घाटा अनुदान ₹3,257 करोड़ तक घटा; जीएसटी क्षतिपूर्ति वापसी से ₹9,478 करोड़ का नुकसान
राज्य का ऋण कुल ऋण ₹1,04,729 करोड़; वर्तमान सरकार द्वारा ₹29,046 करोड़ का ऋण लिया गया
पर्यटन वृद्धि 78 नए ईको-टूरिज्म स्थल विकसित होंगे; चाय बागानों को ईको-टूरिज्म केंद्र बनाया जाएगा
हरित ऊर्जा 500 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी; शिमला रोपवे प्रोजेक्ट वित्त वर्ष 2025-26 में शुरू होगा
पर्यावरण संरक्षण हिमाचल प्रदेश की पारिस्थितिक सेवाओं का वार्षिक मूल्य ₹90,000 करोड़ आंका गया
किसानों के लिए समर्थन दूध MSP बढ़ोतरी: गाय का दूध ₹51/लीटर, भैंस का दूध ₹61/लीटर; 1 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा
मसाला पार्क हमीरपुर में मसाला पार्क स्थापित किया जाएगा
मजदूरी वृद्धि (MGNREGA) दैनिक मजदूरी ₹300 से बढ़ाकर ₹320 प्रति दिन की गई
वरिष्ठ नागरिक पेंशन 70-75 वर्ष आयु वर्ग के पेंशन बकाया का भुगतान मई 2025 में किया जाएगा
अपराध रोकथाम नशे के खिलाफ एसटीएफ का गठन; संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम 2025 लागू होगा
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vikash

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