क्या सच में एक स्पेनिश वैज्ञानिक ने पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज ढूंढ लिया है?

एक शोध दल ने बताया है कि उन्होंने प्रयोगशाला में चूहों में अग्नाशय कैंसर (Pancreatic Cancer) के सबसे आक्रामक रूप को पूरी तरह समाप्त कर दिया, और उपचार के बाद ट्यूमर की दोबारा वापसी नहीं हुई। यह अध्ययन वरिष्ठ कैंसर वैज्ञानिक मारियानो बार्बासिड के नेतृत्व में किया गया है और इसे दशकों में अग्नाशय कैंसर अनुसंधान की सबसे आशाजनक प्रगति माना जा रहा है। हालांकि, वैज्ञानिक इसे लेकर उत्साहित जरूर हैं, लेकिन इसे तुरंत “इलाज” कहना जल्दबाज़ी मानते हैं। स्पेन की एक शोध टीम ने रिपोर्ट किया है कि तीन दवाओं के संयुक्त उपचार (ट्रिपल-ड्रग थेरेपी) ने चूहों में अग्नाशय कैंसर के ट्यूमर को पूरी तरह खत्म कर दिया, जिससे इस जानलेवा बीमारी के खिलाफ नई उम्मीद जगी है।

अग्नाशय कैंसर इतना घातक क्यों है?

  • अग्नाशय कैंसर, विशेषकर पैंक्रियाटिक डक्टल एडेनोकार्सिनोमा, दुनिया के सबसे घातक कैंसरों में से एक है।
  • यह आमतौर पर बहुत देर से पता चलता है और पारंपरिक उपचारों के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी होता है।
  • इसका एक बड़ा कारण इसका घना ट्यूमर माइक्रोएनवायरनमेंट है, जो दवाओं को ट्यूमर तक पहुँचने से रोकता है।
  • इसके अलावा, अग्नाशय कैंसर की कोशिकाएँ बेहद अनुकूलनशील होती हैं और एकल-दवा उपचार को जल्दी निष्क्रिय कर देती हैं।
  • इसी कारण इसकी जीवित रहने की दर (Survival Rate) अन्य अधिकांश कैंसरों की तुलना में बहुत कम है।

ट्रिपल-ड्रग थेरेपी क्या है?

  • स्पेन के स्पैनिश नेशनल कैंसर रिसर्च सेंटर (CNIO) में विकसित यह नई थेरेपी किसी एक लक्ष्य पर निर्भर नहीं करती।
  • इसके बजाय, इसमें तीन दवाओं का एक साथ उपयोग किया गया है, जो कैंसर कोशिकाओं के भीतर मौजूद कई जीवन-रक्षक (survival) मार्गों को एक साथ अवरुद्ध करती हैं।
  • यह बहुआयामी रणनीति कैंसर कोशिकाओं को खुद को “रीवायर” करने से रोकती है, जो अक्सर उपचार विफल होने का कारण बनता है।
  • शोधकर्ताओं के अनुसार, एक साथ कई मार्ग बंद कर देने से कैंसर के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचता।

प्रयोगशाला परीक्षणों में क्या सामने आया?

  • नियंत्रित प्रयोगशाला अध्ययनों में, उन्नत अग्नाशय कैंसर से ग्रस्त चूहों को इस ट्रिपल-ड्रग संयोजन से उपचारित किया गया।
  • परिणाम बेहद चौंकाने वाले थे। ट्यूमर पूरी तरह समाप्त हो गए, और लंबे समय तक निगरानी में कोई पुनरावृत्ति (relapse) नहीं देखी गई।
  • इतना ही नहीं, चूहों में न्यूनतम दुष्प्रभाव देखे गए, जो कैंसर उपचार में एक बड़ी चुनौती मानी जाती है।
  • स्वतंत्र विशेषज्ञों का कहना है कि अग्नाशय कैंसर के मॉडलों में इस तरह की स्थायी और बिना पुनरावृत्ति वाली प्रतिक्रिया अत्यंत दुर्लभ है।

यह खोज वैज्ञानिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?

  • यह अध्ययन प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका Proceedings of the National Academy of Sciences (PNAS) में प्रकाशित हुआ है, जो कठोर सहकर्मी समीक्षा के बाद ही शोध प्रकाशित करती है।
  • समीक्षकों ने उपचार के लंबे समय तक टिकाऊ प्रभाव और कम विषाक्तता दोनों को असाधारण बताया।
  • यही कारण है कि यह शोध पहले के कई प्रयोगात्मक उपचारों से अलग और अधिक प्रभावशाली माना जा रहा है।
  • वैज्ञानिकों के लिए यह संकेत है कि कैंसर के कई मार्गों को एक साथ निशाना बनाना शायद अग्नाशय कैंसर की जिद्दी प्रतिरोधक क्षमता को तोड़ने की कुंजी हो सकता है।

मारियानो बार्बासिड कौन हैं?

  • मारियानो बार्बासिड यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित कैंसर वैज्ञानिकों में से एक हैं।
  • 1980 के दशक की शुरुआत में उन्होंने पहले मानव ऑन्कोजीन की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसने कैंसर जीवविज्ञान को पूरी तरह बदल दिया।
  • दशकों से उनका शोध KRAS-ड्रिवन ट्यूमर पर केंद्रित रहा है, जो लगभग 90 प्रतिशत अग्नाशय कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • उनका लंबे समय से यह तर्क रहा है कि अग्नाशय कैंसर को एक ही दवा से नहीं हराया जा सकता।
  • इसी पृष्ठभूमि के कारण इस नए अध्ययन को अतिरिक्त वैज्ञानिक विश्वसनीयता मिलती है।

फंडिंग, विश्वसनीयता और वैज्ञानिक सावधानियाँ

  • इस शोध को Fundación CRIS Contra el Cáncer का समर्थन प्राप्त था, जो उच्च-जोखिम लेकिन उच्च-प्रभाव वाले कैंसर अनुसंधान के लिए जानी जाती है।
  • CNIO के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अध्ययन ने सभी स्थापित प्रयोगात्मक प्रोटोकॉल का पालन किया और स्वतंत्र सहकर्मी समीक्षा से गुज़रा।
  • सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों के बीच उन्होंने यह भी कहा कि न तो शोध में कोई जल्दबाज़ी की गई और न ही वैज्ञानिक सुरक्षा मानकों से समझौता हुआ।
  • इससे अध्ययन की विश्वसनीयता और गंभीरता और मजबूत होती है।
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vikash

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