हरियाणा में देश की पहली हाईड्रोजन ट्रेन दौड़ने को तैयार, जानें सबकुछ

भारत हरित परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। हरियाणा में भारत की पहली हाइड्रोजन-चालित ट्रेन का संचालन जल्द शुरू होने वाला है। यह पायलट परियोजना भारतीय रेलवे के नेतृत्व में चल रही है और जिंद–सोनीपत रेल मार्ग पर संचालित की जाएगी। यह परियोजना अब कमीशनिंग के अंतिम चरण में है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन के प्रति भारत की बढ़ती प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।

खबरों में क्यों?

हरियाणा में भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ की तैयारी पूरी हो चुकी है। जिंद में स्थापित हाइड्रोजन संयंत्र तैयार है और परियोजना अंतिम कमीशनिंग चरण में पहुँच गई है।

हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के बारे में

  • यह उत्तरी रेलवे (Northern Railway) की एक पायलट परियोजना है।
  • ट्रेन हरियाणा के जिंद–सोनीपत मार्ग पर चलेगी।
  • हाइड्रोजन ट्रेन-सेट का निर्माण पूरा हो चुका है।
  • इस परियोजना का उद्देश्य भारत में रेल परिवहन के लिए हाइड्रोजन को स्वच्छ ईंधन के रूप में व्यवहार्य सिद्ध करना है।

हाइड्रोजन संयंत्र और ऊर्जा व्यवस्था

  • जिंद में हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया गया है, जिसकी भंडारण क्षमता 3,000 किलोग्राम है।
  • संयंत्र को स्थिर 11 केवी विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा रही है, ताकि कमीशनिंग और नियमित संचालन के दौरान निर्बाध हाइड्रोजन उत्पादन सुनिश्चित हो सके।
  • हाइड्रोजन का उत्पादन इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है, जो हरित हाइड्रोजन उत्पादन की एक प्रमुख विधि है।

राज्य और रेलवे अधिकारियों की भूमिका

  • हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अधिकारियों के साथ परियोजना की समीक्षा की।
  • उन्होंने विद्युत आपूर्ति प्रणाली की नियमित निगरानी पर जोर दिया।
  • राष्ट्रीय स्तर पर यह परियोजना अनुसंधान, डिजाइन एवं मानक संगठन (RDSO) द्वारा निर्धारित सुरक्षा और प्रदर्शन मानकों के अनुरूप विकसित की जा रही है।

हाइड्रोजन ट्रेनों का महत्व

  • हाइड्रोजन ट्रेनें उपयोग के स्थान पर शून्य कार्बन उत्सर्जन करती हैं।
  • ये गैर-विद्युतीकृत रेल मार्गों पर डीज़ल ट्रेनों का एक प्रभावी विकल्प हैं।
  • यह परियोजना भारत के जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने, हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप है।

परीक्षा उपयोगी बिंदु (प्रारंभिक व मुख्य)

  • देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: हरियाणा
  • पायलट परियोजना: भारतीय रेलवे (उत्तरी रेलवे)
  • रेल मार्ग: जिंद–सोनीपत
  • हाइड्रोजन प्लांट स्थान: जिंद
  • भंडारण क्षमता: 3,000 किलोग्राम
  • विद्युत आपूर्ति: 11 केवी
  • हाइड्रोजन उत्पादन विधि: इलेक्ट्रोलिसिस
  • संबंधित संस्था: RDSO (सुरक्षा व मानक)
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

भारत ने अपना पहला AI-पावर्ड यूनिवर्सिटी कहाँ और क्यों लॉन्च किया है?

भारत ने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से उच्च शिक्षा में बदलाव की दिशा में एक…

5 hours ago

प्रज्ञा-AIX क्या है और यह ONGC के संचालन को कैसे बदलेगा?

भारत की सबसे बड़ी ऊर्जा अन्वेषण कंपनी ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन) ने अपने…

5 hours ago

असम की मुख्यमंत्री एति कोली दुति पात योजना क्या है?

असम राज्य ने अपने चाय बागान समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम उठाते हुए…

5 hours ago

उत्तराखंड को एविएशन प्रमोशन के लिए बेस्ट स्टेट अवॉर्ड क्यों मिला?

उत्तराखंड, जो अपनी पहाड़ियों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है, ने नागरिक…

6 hours ago

EU ने ईरान के IRGC को आतंकवादी ग्रुप क्यों घोषित किया है?

एक ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील निर्णय में यूरोपीय संघ (EU) ने औपचारिक…

7 hours ago

भारत 10 साल बाद अरब देशों के विदेश मंत्रियों से क्यों मिल रहा है?

भारत एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक आयोजन की मेज़बानी करने जा रहा है, जो अरब दुनिया के…

8 hours ago