वायु प्रदूषण से निपटने हेतु हरियाणा सरकार की तैयारी, शुरू करेगी 10 हजार करोड़ रुपये की परियोजना

हरियाणा के मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन.प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जल्द ही विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित 10,000 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना को चरणबद्ध तरीके से राज्य में लागू किया जाएगा, जिसका पहला चरण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आने वाले जिलों में क्रियान्वित किया जाएगा तथा बाद में पूरे राज्य में इसे लागू किया जाएगा।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित सतत विकास के लिए हरियाणा स्वच्छ वायु परियोजना की संचालन समिति की बैठक में यह घोषणा की गई। प्रसाद ने कहा कि इस दस वर्षीय व्यापक परियोजना का वित्तपोषण विश्व बैंक द्वारा किया जाएगा। परियोजना के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रसाद ने वायु प्रदूषण की समस्या को खत्म करने के लिए सभी हितधारकों द्वारा सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया।

वायु गुणवत्ता निगरानी अवसंरचना को बढ़ाना

परियोजना का प्रारंभिक चरण हरियाणा की वायु गुणवत्ता निगरानी अवसंरचना को उन्नत करने पर केंद्रित है। इसमें अत्याधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना और मौजूदा प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण शामिल है। इसके अतिरिक्त, एक समर्पित कार्यक्रम प्रबंधन इकाई कार्यान्वयन की देखरेख करेगी, साथ ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन में शामिल हितधारकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाएगी।

क्षेत्रीय हस्तक्षेप

परियोजना परिवहन, उद्योग, निर्माण, सड़क की धूल, बायोमास जलाना और घरेलू प्रदूषण सहित वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों से निपटने के लिए संसाधन आवंटित करती है। प्रयास स्वच्छ वाहनों को बढ़ावा देंगे, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने को प्रोत्साहित करेंगे और पुराने, अधिक प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाएंगे। वाहन स्वास्थ्य की निगरानी के लिए स्वचालित परीक्षण स्टेशनों (एटीएस) के लिए एक मॉडल विकसित किया जाएगा।

स्वच्छ ऊर्जा और हरित क्षेत्रों को बढ़ावा देना

वित्तीय प्रोत्साहन और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देकर उद्योगों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पहलों में जैव विविधता पार्कों और हरित पट्टियों की स्थापना के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्रों को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

निगरानी संस्थाओं को मजबूत बनाना

हरियाणा सरकार ने वायु गुणवत्ता मापन और निगरानी के लिए संस्थाओं को मजबूत बनाने में प्रगति की है, जिसमें राज्य नमूना-परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना और विभिन्न जिलों में परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों का संचालन शामिल है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

मातृत्व अवकाश पर बड़ा बदलाव: गोद लेने वाली माताओं को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने दत्तक (गोद लेने वाली) माताओं के लिए मातृत्व अवकाश पर लगी उम्र…

14 hours ago

नारियल उत्पादन में भारत बना विश्व का नंबर 1 देश, 30% से अधिक हिस्सेदारी

भारत ने दुनिया के सबसे बड़े नारियल उत्पादक देश के रूप में अपनी स्थिति और…

15 hours ago

भारत में स्टार्टअप क्रांति: 2.12 लाख से ज्यादा स्टार्टअप, महिला नेतृत्व में बड़ा उछाल

भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के…

16 hours ago

भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क: शहरी परिवहन में ऐतिहासिक उपलब्धि

भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है, जो देश के…

16 hours ago

महाराष्ट्र विधानसभा ने धर्म की स्वतंत्रता विधेयक 2026 पारित किया

महाराष्ट्र विधानसभा ने ‘धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026’ पारित कर दिया है। इस विधेयक का उद्देश्य…

17 hours ago

ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन 2026: नए नियम और बड़े बदलाव

ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन विधेयक 2026 संसद में पेश किया गया है। यह विधेयक 2019 के…

18 hours ago