
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वाराणसी के रविदास घाट पर रविवार को गेल के फ्लोटिंग सीएनजी और मोबाइल रि-फ्यूलिंग यूनिट (एमआरयू) स्टेशन का शुभारंभ किया। करीब 18 करोड़ की लागत से विकसित इस सीएनजी स्टेशन को गंगा में एक से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकेगा।
इससे गंगा में संचालित होने वाली नौकाओं को सीएनजी के लिए दूर जाने की समस्या से छुटकारा मिलेगा। रविदास घाट के नए स्टेशन में सीएनजी नमो घाट से कैस्केड से भर कर पहुंचाई जाएगी। इसकी क्षमता चार हजार किलोग्राम प्रतिदिन है, जिससे 300 से 400 नौकाओं के लिए सीएनजी की डिमांड पूरी हो सकेगी।
अक्षय ऊर्जा समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
रविदास घाट पर आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों और स्वच्छ अक्षय स्रोतों में बदलाव की आवश्यकता से जूझ रहे विश्व में वाराणसी का सचल सीएनजी स्टेशन अक्षय ऊर्जा समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उद्घाटन के मौके पर गेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संदीप गुप्ता, निदेशक (मानव संसाधन) आयुष गुप्ता व निदेशक (विपणन) संजय कुमार मौजूद रहे।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग
वाराणसी केंद्र गेल का पहला ‘ऑल गर्ल्स’ केंद्र है जहां उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की 60 छात्राओं को इंजिनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है।



रेलवे बजट 2026: भारतीय रेलवे को बदलने के...
Union Budget 2026: नया इनकम टैक्स कानून ...
बजट 2026: क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा...

