गुजरात में ऊर्जा अवसंरचना पर साइबर हमलों से निपटने के लिए समिति का गठन

डिजिटल तकनीकों जैसे स्मार्ट मीटर, स्मार्ट ग्रिड और स्वचालित नियंत्रण प्रणालियों के बढ़ते उपयोग के साथ बिजली क्षेत्र की ऊर्जा अवसंरचना साइबर खतरों के प्रति अधिक संवेदनशील हो गई है। इस जोखिम को पहचानते हुए गुजरात सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य ने तैयारियों की समीक्षा, प्रणालियों में सुधार और महत्वपूर्ण बिजली अवसंरचना की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष समितियों का गठन किया है।

खबर में क्यों?

गुजरात सरकार ने स्मार्ट ग्रिड, SCADA प्रणालियों और डिजिटल बिजली आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े बढ़ते साइबर जोखिमों को देखते हुए राज्य की ऊर्जा अवसंरचना को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए 11 सदस्यीय कोर कमेटी और 19 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है।

निर्णय के बारे में

  • यह पहल गुजरात के ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग (EPD) द्वारा की गई है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा करना है।
  • यह फैसला 24×7 बिजली आपूर्ति प्रणालियों पर साइबर खतरों को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।
  • बिजली क्षेत्र में बढ़ती डिजिटलाइजेशन से साइबर जोखिमों का खतरा भी बढ़ा है।

गठित प्रमुख समितियाँ

कोर कमेटी

  • 11 सदस्य शामिल
  • ऊर्जा क्षेत्र में समग्र साइबर सुरक्षा रणनीति की समीक्षा
  • नीतियों, तैयारियों और सिस्टम की मजबूती का आकलन
  • दीर्घकालिक सुधारों और रूपरेखाओं का सुझाव

टास्क फोर्स

  • 19 सदस्य शामिल
  • परिचालन और तकनीकी पहलुओं पर ध्यान
  • साइबर सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन में सहायता
  • प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और समन्वय गतिविधियों में सहयोग

मुख्य जिम्मेदारियाँ

कोर कमेटी और टास्क फोर्स—

  • ऊर्जा क्षेत्र में आईटी और साइबर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगी।
  • साइबर घटनाओं से निपटने की तैयारियों का आकलन करेंगी।
  • साइबर सुरक्षा नीति में सुधार के सुझाव देंगी।
  • मजबूत साइबर सुरक्षा प्रणाली के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करेंगी।
  • साइबर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देंगी।

क्षमता निर्माण पर फोकस

  • साइबर ड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
  • अधिकारियों और संस्थानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
  • शैक्षणिक संस्थानों और साइबर विशेषज्ञों के साथ साझेदारी विकसित की जाएगी।
  • राज्य और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

2 days ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 month ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

1 month ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

1 month ago