गुजरात सरकार ने कुटीर और ग्रामीण उद्योगों को सशक्त बनाने, हस्तशिल्प को संरक्षित करने, और घरेलू व वैश्विक बाजार में उनकी उपस्थिति को बढ़ाने के लिए महत्वाकांक्षी कुटीर और ग्रामीण उद्योग नीति 2024-29 की शुरुआत की है। यह नीति कर्ज सहायता बढ़ाने, बुनियादी ढांचे के विकास, और ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना व जीआई टैगिंग जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
1. ऋण और सब्सिडी में वृद्धि
2. कौशल विकास और रोजगार सृजन
3. ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) के तहत अद्वितीय उत्पादों का प्रचार
4. बाजार विस्तार और बिक्री में वृद्धि
5. भौगोलिक संकेतक (GI) टैगिंग
6. कौशल और बाजार आधुनिकीकरण
अमेरिका में हाल ही में रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों के एक समूह ने कांग्रेस (अमेरिकी…
नीतू समरा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) का निया सीईओ नियुक्त किया गया है।…
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो 17 अप्रैल,…
भारत की ओर से मालदीव को दी जा रही आर्थिक और वित्तीय सहायता की पहली…
विश्व मलेरिया दिवस 2026 हर साल 25 अप्रैल को मनाया जाएगा, ताकि मलेरिया के बारे…
सरकार ने भारत में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर एक बहुत बड़ा और अहम…