राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने मोबाइल गुणवत्ता नियंत्रण वैन (MQCVs) की शुरुआत की है। इन मोबाइल लैब्स का उद्देश्य चल रही हाईवे निर्माण परियोजनाओं की ऑन-साइट निगरानी करना है। पायलट परियोजनाएँ राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक और ओडिशा में शुरू हो चुकी हैं। साथ ही, सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग गुणवत्ता निगरानी पोर्टल विकसित कर रही है, जिसमें रियल-टाइम GPS ट्रैकिंग की सुविधा होगी, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके।
MoRTH अब केवल सड़क नेटवर्क के विस्तार पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता, सुरक्षा और टिकाऊपन (Durability) पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।
भारत रिकॉर्ड गति से हाईवे बना रहा है, इसलिए उनकी गुणवत्ता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है।
MQCVs के माध्यम से:
यह प्रणाली परियोजनाओं में तेज़ प्रतिक्रिया और बेहतर निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी।
मोबाइल गुणवत्ता नियंत्रण वैन चलती-फिरती प्रयोगशालाओं की तरह काम करती हैं।
इनमें गैर विनाशकारी परीक्षण (NDT) उपकरण लगे हैं, जिससे सड़क की मजबूती बिना नुकसान पहुँचाए जांची जा सकती है।
प्रमुख उपकरण:
इन उपकरणों से राजमार्ग की संरचनात्मक मजबूती और सतह की गुणवत्ता का वैज्ञानिक आकलन किया जाता है।
इस पहल का पायलट चरण निम्न राज्यों में चल रहा है:
इन राज्यों को विभिन्न जलवायु और मिट्टी की परिस्थितियों के कारण चुना गया है। पायलट के परिणामों के आधार पर इस कार्यक्रम को पूरे देश में लागू किया जा सकता है।
सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग गुणवत्ता निगरानी पोर्टल विकसित कर रही है, जो:
अधिकारी दूर से ही वैन की गतिविधियों और गुणवत्ता जांच की निगरानी कर सकेंगे, जिससे पूरी प्रणाली अधिक जवाबदेह और डेटा-आधारित बनेगी।
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