सरकार ने रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के लिए हीरा इम्प्रेस्ट लाइसेंस बहाल किया

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने डायमंड इम्प्रेस्ट लाइसेंस की बहाली की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य भारत के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को पुनर्जीवित करना है। यह निर्णय रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) द्वारा आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ज्वैलरी शो (आईआईजेएस) 2024 के दौरान लिया गया। इस नीतिगत बदलाव से हीरे के आयात से संबंधित मुद्दों का समाधान होने और भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होने की उम्मीद है।

डायमंड इम्प्रेस्ट लाइसेंस का विवरण

उद्देश्य और लाभ: यह लाइसेंस पात्र निर्यातकों को पिछले तीन वर्षों के अपने औसत कारोबार के 5% तक शुल्क मुक्त, अर्ध-प्रसंस्कृत, अर्ध-कट और टूटे हुए हीरे सहित कटे और पॉलिश किए गए हीरे आयात करने की अनुमति देता है। निर्यातकों को इन आयातों में 10% मूल्य जोड़ना आवश्यक है, जिसका उपयोग आयातक द्वारा किया जाना चाहिए और निर्यात के बाद भी इसे स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है।

क्षेत्र पर प्रभाव: इस लाइसेंस के अभाव के कारण कटे और पॉलिश किए गए हीरों को छंटाई और पुनः निर्यात के लिए दुबई में आयात किया जाता था, जिससे भारत के निर्यात और क्षेत्र में रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था।

पृष्ठभूमि और औचित्य

पिछली नीति: डायमंड इम्प्रेस्ट लाइसेंस 2002 और 2009 में विदेश व्यापार नीति का हिस्सा था।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा: दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और तंजानिया जैसे देशों में निर्यात से पहले हीरे को काटा या संसाधित किया जाना ज़रूरी है। लाइसेंस के बिना, भारतीय हीरे के निर्यात पर 5% मूल सीमा शुल्क लगता था, जिससे वे चीन, वियतनाम और श्रीलंका जैसे देशों की तुलना में कम प्रतिस्पर्धी हो जाते थे।

अतिरिक्त उपाय और घोषणाएँ

बजट प्रभाव: सोने और चांदी के आयात शुल्क में हाल ही में बजट में की गई कटौती से आभूषण क्षेत्र को बढ़ावा मिलने, आधिकारिक सोने के आयात को बढ़ावा मिलने और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रशिक्षण और रोजगार: विशेष आर्थिक क्षेत्र में एक सामान्य सुविधा केंद्र सालाना 1,500 युवाओं को प्रशिक्षित करेगा, जिसमें 10,000 से अधिक GJEPC सदस्यों को प्लेसमेंट के अवसर मिलेंगे। वर्तमान में, केंद्र महिलाओं सहित 300 शारीरिक रूप से विकलांग युवाओं को प्रशिक्षण दे रहा है।

मंत्री का वक्तव्य

गोयल ने भारत के घरेलू बाजार की लचीलापन पर जोर दिया और निर्यातकों से वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद आशावादी बने रहने का आग्रह किया।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 week ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 weeks ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 weeks ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 weeks ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 weeks ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

2 weeks ago