उल्लास के तहत गोवा पूर्ण साक्षर घोषित

गोवा के 39वें राज्यत्व दिवस के शुभ अवसर पर, मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने गोवा को ULLAS – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (Nav Bharat Saaksharta Karyakram) के अंतर्गत पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया। इस उपलब्धि के साथ गोवा, भारत का दूसरा राज्य बन गया है जिसने राष्ट्रीय रूप से निर्धारित 95% साक्षरता मानक को पार कर लिया है, और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान फिर से साबित की है।

राष्ट्रीय साक्षरता मानक को पार करने वाला राज्य

यह महत्वपूर्ण घोषणा पणजी स्थित दीनानाथ मंगेशकर कला मंदिर में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान की गई, जिसमें उपस्थित थे:

  • राज्य के मंत्रीगण

  • गोवा के मुख्य सचिव

  • श्रीमती अर्चना शर्मा अवस्थी, संयुक्त सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय

  • अन्य गणमान्य व्यक्ति और राज्य के नागरिक

पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2023-24 के अनुसार, गोवा की साक्षरता दर 93.60% थी, जो पहले ही देश में सर्वोच्च में से एक थी। लेकिन राज्य के आंतरिक सर्वेक्षण के अनुसार यह आंकड़ा पार कर पूर्ण साक्षरता हासिल कर ली गई है।

संपूर्ण सरकारी सहभागिता: सहयोग का आदर्श मॉडल

इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे था Whole-of-Government Approach, जिसमें अनेक विभागों ने मिलकर कार्य किया, जैसे:

  • पंचायत निदेशालय

  • नगर प्रशासन निदेशालय

  • समाज कल्याण निदेशालय

  • योजना एवं सांख्यिकी निदेशालय

  • महिला एवं बाल विकास निदेशालय

इन विभागों ने अशिक्षित नागरिकों की पहचान कर उन्हें साक्षरता कार्यक्रमों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।

सामुदायिक सहभागिता: ‘जन-जन साक्षर’ की भावना का उदाहरण

गोवा की साक्षरता यात्रा में समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही:

  • स्वयंपूर्ण मित्रों ने जनजागरूकता अभियान चलाए, शिक्षार्थियों को प्रमाणपत्र दिलवाए, और उन्हें औपचारिक शिक्षा से जोड़ा।

  • समाज कल्याण विभाग के फील्ड वर्कर्स ने अशिक्षितों की पहचान और नामांकन में विशेष योगदान दिया।

यह स्वयंसेवी आधारित मॉडल, ULLAS योजना की जन-जन साक्षर भावना को जीवंत करता है और यह दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर सहभागिता से कैसे स्थायी सफलता प्राप्त की जा सकती है।

गोवा की शिक्षा टीम को बधाई

इस उपलब्धि के पीछे था:

  • गोवा शिक्षा विभाग

  • राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT)

  • स्थानीय प्रशासन

  • स्कूल प्रमुख

  • हजारों स्वयंसेवक

इन सभी की प्रतिबद्धता इस बात को रेखांकित करती है कि जनकेंद्रित और समन्वित प्रयासों से राष्ट्रीय साक्षरता लक्ष्यों को पाया जा सकता है।

ULLAS – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम

ULLAS योजना, जिसे 2022 में शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया, भारत को 2030 तक पूर्ण साक्षर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही केंद्रीय प्रायोजित योजना है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है।

इस योजना के 5 प्रमुख घटक हैं:

  1. मूलभूत साक्षरता और गणना कौशल

  2. जीवन उपयोगी महत्वपूर्ण कौशल

  3. मूलभूत शिक्षा

  4. व्यावसायिक कौशल

  5. निरंतर शिक्षा

यह कार्यक्रम मुख्य रूप से 15 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों को लक्षित करता है, जिन्होंने औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की है।

ULLAS योजना का राष्ट्रीय प्रभाव

  • 2.40 करोड़ से अधिक शिक्षार्थी और 41 लाख स्वयंसेवी शिक्षक ULLAS मोबाइल ऐप पर पंजीकृत हैं।

  • 1.77 करोड़ से अधिक शिक्षार्थियों ने FLNAT (Foundational Literacy and Numeracy Assessment Test) में भाग लिया है।

गोवा की सफलता: सुशासन और जनभागीदारी का प्रकाश स्तंभ

गोवा की यह ऐतिहासिक उपलब्धि दर्शाती है कि यदि मजबूत प्रशासन, जनभागीदारी, और नवोन्मेषी क्रियान्वयन साथ आएं, तो कोई भी सामाजिक लक्ष्य असंभव नहीं है।

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vikash

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