जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ (Friedrich Merz) 12 और 13 जनवरी, 2026 को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आने वाले हैं। यह उच्चस्तरीय यात्रा भारत–जर्मनी संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर हो रही है, जब दोनों देश व्यापार, प्रौद्योगिकी, जलवायु कार्रवाई और वैश्विक शासन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस यात्रा से रणनीतिक और आर्थिक सहभागिता को नई गति मिलने की उम्मीद है।
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ 12–13 जनवरी, 2026 को भारत की आधिकारिक यात्रा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत–जर्मनी सहयोग को आर्थिक, रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर और मज़बूत करना है।
इस यात्रा के दौरान भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जाएगा। संभावित चर्चा के प्रमुख क्षेत्र होंगे:
भारत और जर्मनी के बीच एक दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी है। जर्मनी, विशेष रूप से विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में, भारत का यूरोप में एक प्रमुख साझेदार है। नियमित अंतर-सरकारी परामर्श (IGC) और उच्चस्तरीय यात्राओं के माध्यम से नवाचार, कौशल विकास और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग का दायरा लगातार बढ़ा है।
राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस हर साल 21 अप्रैल को भारत के सिविल सेवकों के समर्पण…
भारत का पहला पेट्रोग्लिफ़ संरक्षण पार्क लद्दाख के सिंधु घाट पर बनाया जाएगा। इसकी आधारशिला…
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ‘अभय’ नाम का एक AI-पावर्ड चैटबॉट पेश किया है। यह…
भारत की समृद्ध टेक्सटाइल विरासत को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए, कपड़ा मंत्रालय…
ब्लू ओरिजिन ने पहली बार अपने 'न्यू ग्लेन' रॉकेट के दोबारा इस्तेमाल किए गए बूस्टर…
रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए, भारत और रूस ने अप्रैल…