अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा प्रकाशित ग्लोबल वेज रिपोर्ट 2018-19 के अनुसार, श्रम के लिए प्रति घंटा मजदूरी के सन्दर्भ में पुरुषों की तुलना में महिलाओं को भारत में सबसे अधिक असमान रूप से भुगतान किया जाता है.
महिलाओं को पुरुषों की तुलना में औसतन, 34% कम भुगतान किया जाता है. मजदूरी में यह अंतर, लिंग मजदूरी अंतर के रूप में जाना जाता है,जो 73 देशों में सबसे अधिक है. 2017 में कुल मिलाकर, वैश्विक(136 देशों) मजदूरी वैश्विक स्तर पर 1.8% वृद्धि हुई है. वास्तविक शर्तों (मूल्य मुद्रास्फीति के लिए समायोजित) में, वैश्विक मजदूरी वृद्धि 2017 में 1.8% से घटकर 2016 में 2.4% हो गई है.
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