सरकारी ई-बाजार मंच (GeM) ने स्वायत्त पहल (SWAYATT Initiative) के सात वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया। यह एक प्रमुख कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य पूरे भारत में समावेशी सरकारी खरीद प्रणाली (Inclusive Public Procurement) को बढ़ावा देना है। SWAYATT पहल की शुरुआत 19 फरवरी 2019 को की गई थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप, महिला उद्यमियों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और सूक्ष्म उद्यमों को सरकारी खरीद बाजार तक पहुँच प्रदान करना है। GeM प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन समूहों को सरकारी विभागों को सीधे सामान और सेवाएँ उपलब्ध कराने का अवसर मिला है। पिछले वर्षों में इस पहल के कारण इन उद्यमों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
सरकारी ई-बाजार मंच (GeM) पर स्वायत्त पहल के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नीतिनिर्माताओं, उद्यमियों और विभिन्न साझेदारों ने भाग लिया और इस पहल की प्रगति पर चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल प्रोक्योरमेंट तकनीक भारत में सरकारी खरीद प्रणाली को तेजी से बदल रही है और इसे अधिक पारदर्शी व प्रभावी बना रही है।
कार्यक्रम के दौरान कई उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि स्वायत्त पहल ने उन्हें सरकारी खरीदारों से जुड़ने और अपने व्यवसाय को विस्तार देने में मदद की। इस कार्यक्रम ने यह भी दिखाया कि तकनीक आधारित सरकारी खरीद प्रणाली देशभर में स्टार्टअप, महिला उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।
GeM पर शुरू की गई स्वायत्त पहल का उद्देश्य ई-ट्रांजैक्शन से स्टार्टअप्स, महिलाओं और युवाओं को फायदा को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम सरकारी खरीद प्रणाली को अधिक लोकतांत्रिक और समावेशी बनाने तथा छोटे और उभरते उद्यमों के लिए नए अवसर प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था।
यह पहल उभरते व्यवसायों के सामने आने वाली तीन प्रमुख चुनौतियों को हल करने पर केंद्रित है:
GeM प्लेटफॉर्म के माध्यम से उद्यम अब सरकारी खरीद प्रक्रिया में सीधे भाग ले सकते हैं। यह पहल पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करती है, प्रवेश बाधाओं को कम करती है, और स्टार्टअप तथा महिला उद्यमियों को सरकारी खरीदारों को सामान और सेवाएँ उपलब्ध कराने का अवसर प्रदान करती है।
स्वायत्त पहल के तहत महिला उद्यमियों द्वारा संचालित व्यवसायों ने GeM पर उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। पिछले सात वर्षों में सरकारी खरीद में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ी है। महिला उद्यमियों के लिए ऑर्डर का कुल मूल्य FY 2018–19 में ₹1,265.62 करोड़ से बढ़कर FY 2025–26 तक ₹83,323 करोड़ हो गया। इसी अवधि में ऑर्डर की संख्या भी 1,01,530 से बढ़कर 44,48,894 तक पहुँच गई। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि स्वायत्त पहल के माध्यम से महिला नेतृत्व वाले उद्यमों की भागीदारी काफी मजबूत हुई है और वे भारत की सरकारी खरीद प्रणाली में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
GeM पर SWAYATT पहल से स्टार्टअप्स को भी बड़ा लाभ मिला है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्टार्टअप्स को सरकारी खरीद बाजार तक सीधी पहुँच मिली है। GeM पर स्टार्टअप्स के ऑर्डर का कुल मूल्य FY 2018–19 में ₹497.24 करोड़ से बढ़कर FY 2025–26 तक ₹54,005.8 करोड़ हो गया है। इसी अवधि में लेन-देन की संख्या भी 17,434 से बढ़कर 5,30,578 तक पहुँच गई। यह दर्शाता है कि स्टार्टअप्स अब तेजी से सरकारी खरीद प्रणाली में आपूर्तिकर्ता (Suppliers) के रूप में उभर रहे हैं।
इन पहलों से देशभर के लाखों सरकारी खरीदारों के बीच स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों के उत्पादों की पहचान बढ़ती है, जिससे समावेशी सरकारी खरीद को बढ़ावा मिलता है।
सरकारी ई-बाजार मंच (GeM) भारत सरकार का एक ऑनलाइन प्रोक्योरमेंट पोर्टल है, जिसे सरकारी विभागों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म पारदर्शिता, दक्षता और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देता है।
वहीं स्वायत्त पहल, जिसे 2019 में शुरू किया गया था, का उद्देश्य स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, युवा उद्यमों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भागीदारी बढ़ाकर सरकारी खरीद प्रणाली को अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है।
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