फ्रांस और न्यू कैलेडोनिया के बीच ऐतिहासिक समझौता

फ्रांस और उसके प्रशांत क्षेत्र न्यू कैलेडोनिया के बीच एक नए समझौते की घोषणा की गई है, जिसके तहत न्यू कैलेडोनिया को अधिक अधिकार दिए जाएंगे, लेकिन वह अब भी फ्रांस का हिस्सा बना रहेगा। यह समझौता 2024 में हुई हिंसक झड़पों के बाद आया है और इसे स्वतंत्रता के समर्थकों और विरोधियों के बीच तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

फ्रांस के भीतर एक नया ‘राज्य’

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा साझा किए गए इस समझौते में न्यू कैलेडोनिया को फ्रांसीसी गणराज्य के भीतर एक “राज्य” का दर्जा देने की बात है। इसे फ्रांसीसी संविधान में शामिल किया जाएगा और अन्य देश इस राज्य को औपचारिक रूप से मान्यता दे सकेंगे। यह एक संतुलित समाधान है, जिसमें पूर्ण स्वतंत्रता नहीं दी गई, लेकिन बढ़ी हुई स्वायत्तता सुनिश्चित की गई है।

हालांकि, इस समझौते को लागू करने से पहले फ्रांसीसी संसद और न्यू कैलेडोनिया की जनता को जनमत संग्रह के माध्यम से इसे स्वीकृति देनी होगी। मैक्रों ने इसे “भरोसे पर किया गया दांव” बताते हुए उम्मीद जताई कि अब दोनों पक्ष शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ सकते हैं।

पृष्ठभूमि: विरोध और हिंसा

2024 में प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन के खिलाफ न्यू कैलेडोनिया में बड़े पैमाने पर दंगे हुए थे। प्रस्ताव में फ्रांस से हाल में आए नागरिकों को मतदान का अधिकार देने की बात थी, जिससे आदिवासी कानक समुदाय को लगा कि इससे उनकी स्वतंत्रता की संभावनाएं कम हो जाएंगी। हिंसा में 7 लोगों की मौत हुई, कई घायल हुए और भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

न्यू कैलेडोनिया रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां निकेल के बड़े भंडार हैं और यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में फ्रांस के लिए अहम भूमिका निभाता है, खासकर चीन के बढ़ते प्रभाव के संदर्भ में।

समझौते के मुख्य बिंदु

  • न्यू कैलेडोनिया के लिए एक नई राष्ट्रीयता बनाई जाएगी, जो फ्रांसीसी राष्ट्रीयता के साथ मौजूद रहेगी।

  • वहां के नागरिकों को दोहरी राष्ट्रीयता (न्यू कैलेडोनियन और फ्रेंच) प्राप्त होगी।

  • 10 वर्षों से अधिक समय से वहां रह रहे फ्रांसीसी नागरिकों को न्यू कैलेडोनियन राष्ट्रीयता मिलेगी।

यह प्रावधान 2024 के विरोधों की जड़ में रही वोटिंग अधिकारों की चिंता को दूर करने की कोशिश है और कानक लोगों की पहचान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करता है, जो जनसंख्या का लगभग 40% हैं।

भूतपूर्व जनमत संग्रह और आगे की राह

2018 से 2021 के बीच न्यू कैलेडोनिया में तीन बार स्वतंत्रता पर जनमत संग्रह हुआ, लेकिन हर बार बहुमत ने फ्रांस के साथ बने रहने के पक्ष में वोट दिया। हालांकि 2021 के अंतिम जनमत संग्रह में कोविड-19 के दौरान कानक नेताओं के बहिष्कार के चलते मतदान प्रतिशत बहुत कम रहा और परिणाम को कानक समुदाय ने मान्यता नहीं दी।

अब यह नया समझौता एक ताज़ा जनमत संग्रह का रास्ता खोलता है, जो शायद इस क्षेत्र के भविष्य और फ्रांस के साथ संबंधों के सवाल को हमेशा के लिए तय कर सकेगा।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 month ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 months ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago