वित्त मंत्री ने नीति NCAER राज्य आर्थिक मंच पोर्टल का शुभारंभ किया

नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 अप्रैल 2025 को “नीति एनसीएईआर स्टेट्स इकोनॉमिक फोरम” पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल को नीति आयोग और नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) के सहयोग से विकसित किया गया है। यह पोर्टल राज्यों की वित्तीय, सामाजिक और आर्थिक स्थितियों से संबंधित व्यापक डेटा प्रदान करता है, जिससे राज्यों को बेहतर वित्तीय प्रबंधन और नीतिगत निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।

प्रमुख विशेषताएँ

  • डेटा कवरेज: 1990-91 से 2022-23 तक राज्यों के वित्तीय और आर्थिक आंकड़ों का संग्रह।
  • उद्देश्य: राज्यों को राजस्व प्रबंधन, कर्ज नियंत्रण और वित्तीय नीति निर्धारण में मदद करना।
  • विशेषताएँ: राज्यों के आय, व्यय, ऋण प्रबंधन और वित्तीय हस्तक्षेपों से जुड़े डाटा का संग्रहण।
  • पारदर्शिता: राज्यों को वित्तीय संतुलन बनाए रखने में सहायता प्रदान करना, बिना जनता पर अतिरिक्त बोझ डाले।

महत्वपूर्ण व्यक्तियों के विचार

  • निर्मला सीतारमण (वित्त मंत्री) – यह मंच राज्यों को बेहतर वित्तीय प्रबंधन और नीतिगत सुधारों में मदद करेगा।
  • डॉ. पूनम गुप्ता (महानिदेशक, NCAER) – राज्यों की वित्तीय स्थिति को समझने के लिए यह एक महत्वपूर्ण संसाधन बनेगा।
  • श्री बीवीआर सुब्रह्मण्यम (सीईओ, नीति आयोग) – यह पोर्टल राज्यों के वित्तीय सशक्तिकरण और नीति निर्माण में मददगार होगा।
  • सुमन के बेरी (उपाध्यक्ष, नीति आयोग) – यह पोर्टल डाटा-संचालित अनुसंधान को बढ़ावा देगा और राज्यों के वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करेगा।

लॉन्ग-टर्म प्रभाव

  • राज्यों को पारदर्शी वित्तीय निर्णय लेने में सहायक।
  • सरकारी नीतियों को सटीक बनाने के लिए प्रमाणिक डेटा उपलब्ध कराना।
  • राज्यों के आर्थिक और सामाजिक सुधारों में सहयोग।
  • दीर्घकालिक सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना।

यह पोर्टल भारत की वित्तीय पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और राज्यों को दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता प्राप्त करने में सहायता करेगा।

विषय विवरण
क्यों चर्चा में? वित्त मंत्री द्वारा नीति एनसीएईआर स्टेट्स इकोनॉमिक फोरम पोर्टल का शुभारंभ
पोर्टल का नाम नीति एनसीएईआर स्टेट्स इकोनॉमिक फोरम
शुभारंभ किया वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
विकसित किया गया नीति आयोग और NCAER के सहयोग से
आंकड़ों की अवधि 1990-91 से 2022-23 तक
उद्देश्य राज्यों के वित्तीय, सामाजिक और आर्थिक मापदंडों पर डेटा प्रदान करना, जिससे नीति निर्धारण और वित्तीय प्रबंधन को सहायता मिले
मुख्य विशेषताएँ राज्यों के वित्तीय मार्ग, राजस्व सृजन रणनीतियों, शोध रिपोर्टों और विशेषज्ञ टिप्पणियों का संग्रह
लक्ष्य समूह राज्य सरकारें, नीति निर्माता, अर्थशास्त्री, शोधकर्ता और आम जनता
अपेक्षित प्रभाव डेटा पारदर्शिता के माध्यम से बेहतर वित्तीय निर्णय, ऋण प्रबंधन और राज्य राजस्व सृजन में सुधार
मुख्य टिप्पणियाँ डेटा-आधारित नीति हस्तक्षेपों पर ध्यान, वित्तीय जागरूकता बढ़ाना और राज्यों के बीच सहयोग एवं सीखने के लिए एक मंच प्रदान करना
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

क्या भारत के ₹17.2 लाख करोड़ के उधार में बढ़ोतरी के बाद RBI दखल दे सकता है?

बजट FY27 में वित्तीय अनुशासन का संदेश देने के बावजूद बांड बाजार में दबाव के…

10 hours ago

अरुणाचल में ‘अग्नि परीक्षा’ अभ्यास के लिए सेना और ITBP का संयुक्त अभियान

हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित अभ्यास अग्नि परीक्षा ने खास ध्यान आकर्षित किया…

11 hours ago

आदमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा रखा गया

पंजाब के विमानन मानचित्र में 02 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक बदलाव देखने…

11 hours ago

केरल के कंथल्लूर में ऑर्किड की नई प्रजाति खोजी गई

भारत की जैव विविधता को एक बार फिर नई पहचान मिली है, जब वैज्ञानिकों ने…

11 hours ago

सर्वेश रंजन बने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नए चीफ जनरल मैनेजर

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने नेतृत्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है।…

11 hours ago

नई दिल्ली में फ्यूचर वॉरफेयर कोर्स का तीसरा एडिशन लॉन्च

भारत ने औपचारिक रूप से भविष्य के युद्धों के लिए अपने सैन्य नेतृत्व को तैयार…

11 hours ago