संघीय न्यायाधीश ने ट्रम्प के जन्मजात नागरिकता आदेश पर रोक लगाई

सीएटल के एक संघीय न्यायाधीश, जॉन कॉफेनॉर, ने डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति के रूप में लौटने के बाद उनके पहले बड़े कार्यकारी आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह आदेश अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को प्रतिबंधित करने का प्रयास करता है, जिसे न्यायाधीश ने “स्पष्ट रूप से असंवैधानिक” कहा है।

अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता क्या है?

जन्मसिद्ध नागरिकता का सिद्धांत कहता है कि अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी व्यक्तियों को स्वचालित रूप से नागरिकता प्राप्त होती है, चाहे उनके माता-पिता की कानूनी स्थिति कुछ भी हो।

  • 14वें संशोधन: 1868 में पारित इस संशोधन का उद्देश्य दास प्रथा से मुक्त हुए लोगों को नागरिकता प्रदान करना था। इसमें कहा गया है, “सभी व्यक्ति जो अमेरिका में जन्मे हैं या प्राकृतिक रूप से नागरिक बने हैं, और जो इसके अधिकार क्षेत्र के अधीन हैं, वे अमेरिका के नागरिक हैं।”
  • अपवाद: विदेशी राजनयिकों या दुश्मन सेना के कब्जाधारी बच्चों पर यह नियम लागू नहीं होता।

ट्रंप का कार्यकारी आदेश और प्रमुख प्रावधान

डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए इसे “पूर्णतः हास्यास्पद” बताया।

  • नए प्रावधान:
    1. 19 फरवरी 2025 के बाद अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चे, यदि उनके माता-पिता अमेरिकी नागरिक या कानूनी स्थायी निवासी नहीं हैं, तो उन्हें नागरिकता नहीं मिलेगी।
    2. ऐसे बच्चों को नागरिक अधिकार, सामाजिक सुरक्षा नंबर, सरकारी लाभ, और कानूनी रोजगार से वंचित किया जाएगा।
  • ट्रंप ने 14वें संशोधन की व्याख्या करते हुए तर्क दिया कि गैर-नागरिकों के बच्चे अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।

कानूनी चुनौतियां और विपक्ष

यह आदेश गहरी कानूनी और राजनीतिक बहस का कारण बना।

  • मुख्य आपत्तियां:
    1. 14वें संशोधन की नागरिकता धारा सभी अमेरिकी भूमि पर जन्मे व्यक्तियों को नागरिकता की गारंटी देती है।
    2. इस नीति से अमेरिका में एक “राज्यविहीन” आबादी पैदा होगी।
  • अदालत में तकरार: चार डेमोक्रेटिक राज्यों (वॉशिंगटन, एरिज़ोना, इलिनॉय, और ओरेगन) ने इसे असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी।

जज जॉन कॉफेनॉर का फैसला

  • अस्थायी रोक: जज ने इसे “स्पष्ट रूप से असंवैधानिक” करार दिया और तर्क दिया कि 14वें संशोधन की नागरिकता धारा में कोई अस्पष्टता नहीं है।
  • DOJ का पक्ष: न्याय विभाग ने आदेश को संवैधानिक ठहराया और इसका दृढ़ता से बचाव करने का संकल्प लिया।

व्यापक प्रभाव

यदि यह नीति लागू होती है, तो इसके परिणामस्वरूप:

  1. अमेरिका में “राज्यविहीन” बच्चों की बढ़ती संख्या।
  2. परिवारों के लिए कानूनी और सामाजिक चुनौतियां।
  3. नागरिकता निर्धारण में संभावित बदलाव, जिससे भविष्य की आप्रवासन और नागरिकता नीतियों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है, जहां यह 14वें संशोधन की व्याख्या के लिए एक ऐतिहासिक मिसाल कायम कर सकता है।

श्रेणी विवरण
क्यों चर्चा में? सीएटल के एक संघीय न्यायाधीश ने डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी, जो अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता को प्रतिबंधित करने का प्रयास करता है। इसे न्यायाधीश ने “स्पष्ट रूप से असंवैधानिक” बताया।
जन्मसिद्ध नागरिकता क्या है? – अमेरिका में जन्मे लगभग सभी व्यक्तियों को उनके माता-पिता की कानूनी स्थिति की परवाह किए बिना स्वचालित नागरिकता प्रदान करता है।
जस सोलि (jus soli) सिद्धांत पर आधारित है (लैटिन: “मिट्टी का अधिकार”)।
– 14वें संशोधन (1868) के तहत गारंटी।
– अपवाद: विदेशी राजनयिकों या दुश्मन सेना के कब्जाधारियों के बच्चे।
ट्रंप के आदेश के प्रावधान – 19 फरवरी 2025 के बाद अमेरिका में जन्मे बच्चों को नागरिकता नहीं दी जाएगी, यदि उनके माता-पिता अमेरिकी नागरिक या कानूनी स्थायी निवासी नहीं हैं।
– इनसे वंचित:
– नागरिकता अधिकार
– सोशल सिक्योरिटी नंबर
– सरकारी लाभ
– कानूनी कार्य के अवसर।
– हर साल 1.5 लाख से अधिक नवजातों को प्रभावित करेगा।
ट्रंप का औचित्य – ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता को “मूर्खतापूर्ण” बताया और दावा किया कि केवल अमेरिका में ऐसा नियम है (यह गलत है; लगभग 30 देश जस सोलि का पालन करते हैं)।
– तर्क दिया कि गैर-नागरिकों के बच्चे 14वें संशोधन के तहत अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
कानूनी चुनौतियां – चार डेमोक्रेटिक राज्यों (वॉशिंगटन, एरिज़ोना, इलिनॉय, और ओरेगन) द्वारा मामला दर्ज किया गया।
– आदेश पर 14वें संशोधन के नागरिकता खंड का उल्लंघन करने का आरोप।
– अब तक छह मुकदमे दायर।
न्यायाधीश का फैसला – रोनाल्ड रीगन द्वारा नियुक्त न्यायाधीश जॉन कॉफेनॉर ने अस्थायी निषेधाज्ञा (TRO) जारी की।
– आदेश को “स्पष्ट रूप से असंवैधानिक” कहा।
– न्याय विभाग की नीति का बचाव करने के लिए आलोचना की और 14वें संशोधन की भाषा को स्पष्ट बताया।
न्याय विभाग का रुख – कार्यकारी आदेश को संवैधानिक ठहराया।
– तर्क दिया कि आदेश का न्यायिक समीक्षा योग्य है और TRO आदेश लागू होने से पहले अनावश्यक है।
– नीति का “दृढ़ता से बचाव” करने का वादा किया।
व्यापक प्रभाव – अमेरिका में “राज्यविहीन” आबादी बना सकता है।
– 14वें संशोधन की व्याख्या पर सवाल उठाता है।
– कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकती है, जो भविष्य की नागरिकता और आप्रवासन नीतियों के लिए एक ऐतिहासिक मिसाल कायम कर सकती है।
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vikash

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