एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और तुर्की जैसे देशों में विदेशी वित्त पोषण प्रवाह में गिरावट के कारण दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम एशिया में एफडीआई प्रवाह में 2017 में 6% की गिरावट आई है.
रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम एशिया में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) प्रवाह पिछले कैलेंडर वर्ष में 63 अरब अमेरिकी डॉलर था. भारत बड़े पैमाने पर बढ़ते बाजार के कारण उपनगरीय क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश गंतव्य बना हुआ है और 2018 की पहली छमाही में 22 अरब अमेरिकी डॉलर का एफडीआई आकर्षित किया है.
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