F-16 फाइटिंग फाल्कन एक सिंगल-इंजन, मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट है जिसे मूल रूप से जनरल डायनामिक्स (अब लॉकहीड मार्टिन) द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका की वायु सेना के लिए विकसित किया गया था। यह पहली बार 1974 में उड़ाया गया और 1978 में सेवा में शामिल किया गया। F-16 इतिहास के सबसे सफल युद्धक विमानों में से एक है। यह अपनी बहुमुखी भूमिका, फुर्तीली उड़ान क्षमता और कम लागत के लिए प्रसिद्ध है, और दुनिया भर की कई वायु सेनाओं द्वारा अपनाया गया है।
मल्टीरोल क्षमता: हवा से हवा और हवा से ज़मीन हमलों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में सक्षम।
उन्नत एवियॉनिक्स: आधुनिक रडार और टारगेटिंग सिस्टम से लैस।
फुर्तीला प्रदर्शन: फ्लाई-बाय-वायर नियंत्रण प्रणाली और स्पष्टता के लिए बबल कैनोपी।
लागत प्रभावी: अन्य फाइटर विमानों की तुलना में उत्पादन और रखरखाव की लागत कम।
लंबाई: 49.5 फीट (15.06 मीटर)
विंगस्पैन (पंख फैलाव): 32.8 फीट (10 मीटर)
ऊँचाई: 16.7 फीट (5.09 मीटर)
खाली वजन: 18,900 पाउंड (8,570 किलोग्राम)
अधिकतम टेकऑफ़ वजन: 42,300 पाउंड (19,200 किलोग्राम)
अधिकतम गति: मैक 2.05 (1,570 मील प्रति घंटे / 2,526 किमी/घंटा)
कॉम्बैट रेडियस: 340 मील (550 किमी)
फेरी रेंज (ईंधन टैंक के साथ): 2,622 मील (4,220 किमी)
सेवा ऊँचाई: 50,000 फीट (15,240 मीटर)
चढ़ाई की गति: 50,000 फीट/मिनट (254 मीटर/सेकंड)
थ्रस्ट/वज़न अनुपात: 1.095 (फुल आफ्टरबर्नर के साथ)
इंजन: 1× प्रैट एंड व्हिटनी F100-PW-200/220/229 या जनरल इलेक्ट्रिक F110-GE-100/129 टर्बोफैन
थ्रस्ट (अफ्टरबर्नर के साथ): 23,770 पाउंड-फोर्स (105.7 किलो न्यूटन)
रडार: AN/APG-68 रडार (पुराने संस्करणों में); AN/APG-83 AESA रडार (F-16V संस्करण में)
नेविगेशन: GPS/INS सिस्टम, टेरेन-फॉलोइंग रडार
टारगेटिंग सिस्टम: LANTIRN, स्नाइपर XR, और अन्य टारगेटिंग पॉड्स
काउंटरमेजर्स: ECM पॉड्स, चैफ और फ्लेयर डिस्पेंसर
गन: 1× 20 मिमी M61A1 वल्कन रोटरी कैनन (511 राउंड)
हार्डपॉइंट्स: कुल 11 (6 अंडरविंग, 2 विंगटिप, 3 फ्यूज़लाज के नीचे)
हवा से हवा मिसाइलें: AIM-9 सिडवाइंडर, AIM-120 AMRAAM
हवा से ज़मीन हथियार: AGM-65 मैवरिक, Paveway लेज़र-गाइडेड बम, JDAM आदि
अन्य पेलोड: फ्यूल टैंक, रिकॉनिसेंस पॉड्स, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर उपकरण
F-16A/B: प्रारंभिक एक सीट और दो सीट संस्करण
F-16C/D: बेहतर एवियॉनिक्स और युद्धक क्षमताओं के साथ
F-16E/F (ब्लॉक 60): UAE के लिए विशेष संस्करण, कंफॉर्मल फ्यूल टैंकों के साथ
F-16V (वाइपर): नवीनतम संस्करण, AESA रडार और उन्नत एवियॉनिक्स सहित
अन्य निर्यात संस्करण: जैसे कि F-16I (इज़राइल), KF-16 (दक्षिण कोरिया) आदि
युद्ध में सिद्ध: खाड़ी युद्ध, कोसोवो, अफगानिस्तान, इराक, सीरिया आदि में उपयोग
वैश्विक उपस्थिति: 25+ देशों में सेवा में, 4,600 से अधिक यूनिट्स निर्मित
दीर्घायु: लगातार अपग्रेड्स और समर्थन के कारण 2040 के दशक तक सेवा में रहने की संभावना
प्रमुख ऑपरेटर्स: अमेरिका, इज़राइल, मिस्र, तुर्की, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, नीदरलैंड
नए ऑर्डर: बुल्गारिया, स्लोवाकिया, ताइवान जैसे देश अपग्रेडेड वेरिएंट खरीद रहे हैं
F-16 आज भी कई देशों की वायु सेनाओं की रीढ़ बना हुआ है। नवीनतम F-16V ब्लॉक 70/72 संस्करणों में अत्याधुनिक AESA रडार, नया कॉकपिट, और लंबी सेवा आयु शामिल है। ये सुविधाएं इसे आधुनिक हवाई युद्ध के लिए एक लागत प्रभावी और बहुपरकारी समाधान बनाती हैं।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]महाराष्ट्र के वसई (पापडी गांव) में स्थित 475 वर्ष पुराना अवर लेडी ऑफ़ ग्रेस कैथेड्रल…
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने एक बार फिर देश में चल रही फर्जी यूनिवर्सिटीज की…
राष्ट्रपति भवन में 23 फरवरी 2026 को पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के जीवन…
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मेरी रसोई’ योजना शुरु करने की 23 फरवरी 2026…
लोकसभा MP शशि थरूर को 21 फरवरी 2026 को कोलकाता स्थित सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय के…
भारत और अमेरिका 23 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित…