भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय अभ्यास ‘कोंकण-2025’ शुरू

भारतीय नौसेना और ब्रिटेन की रॉयल नेवी के बीच द्विपक्षीय अभ्यास कोंकण-2025 आज भारत के पश्चिमी तट पर शुरू हुआ। ये अभ्यास सुरक्षित, खुले और समावेशी समुद्र के लिए दोनो देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है और भारत-ब्रिटेन दृष्टिकोण-2035 में निहित रणनीतिक साझेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह अभ्यास 5 से 12 अक्टूबर 2025 तक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसके बंदरगाह चरण में नौसेना कर्मियों के बीच पेशेवर बातचीत, क्रॉस-डेक दौरे, खेल कार्यक्रम और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल होंगे। इसके अलावा, संयुक्त कार्य समूह की बैठकें और विषय विशेषज्ञों के बीच चर्चा का भी कार्यक्रम है। समुद्री चरण में वायु, सतह और पनडुब्बी-रोधी युद्ध, उड़ान संचालन और अन्य नौसैन्य कौशल विकास पर केंद्रित जटिल समुद्री परिचालन अभ्यास शामिल होंगे।

कोंकण नौसैनिक अभ्यास 2025

हार्बर चरण: सहभागिता और समन्वय

5 से 7 अक्टूबर तक आयोजित हार्बर चरण में शामिल हैं:

  • पेशेवर वार्ता और क्रॉस-डेक विज़िट

  • खेल प्रतियोगिताएँ और सांस्कृतिक आदान-प्रदान

  • संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) की बैठकें

  • विशेषज्ञों के अनुभव और ज्ञान का आदान-प्रदान

यह चरण सैनिकों के बीच बेहतर समझ, सामरिक समन्वय और ज्ञान साझा करने की नींव रखता है।

सी चरण: उन्नत समुद्री संचालन

8 से 12 अक्टूबर तक आयोजित समुद्री चरण में जटिल नौसैनिक अभ्यास होंगे:

  • एंटी-एयर, एंटी-सर्फेस और एंटी-पनडुब्बी युद्ध संचालन

  • उड़ान संचालन (Flying Operations)

  • समुद्री संचालन कौशल जैसे रिप्लेनिशमेंट-एट-सी (Replenishment-at-Sea) और संयोजित नौसैनिक गति नियंत्रण

दोनों नौसेनाएँ फ्रंटलाइन युद्धक क्षमता वाले पोत और विमान तैनात कर रही हैं, जो अभ्यास की सामरिक गहराई और वास्तविकता को दर्शाता है।

प्रमुख प्रतिभागी और नौसैनिक संपत्ति

भारतीय नौसेना से:

  • INS विक्रांत – भारत का स्वदेशी विमानवाहक पोत

  • इसके साथ डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट, पनडुब्बियाँ और नौसैनिक विमान

यूके से:

  • HMS प्रिंस ऑफ वेल्स – UK Carrier Strike Group (UK CSG 25) का प्रमुख पोत

  • इस वर्ष नॉर्वे और जापान का भी समर्थन, जो अभ्यास की बहुपक्षीय महत्वता बढ़ाता है

रणनीतिक महत्व

  • अभ्यास कॉन्कन भारत–यूके व्यापक रणनीतिक साझेदारी (India–UK Comprehensive Strategic Partnership) को मजबूत करता है।

  • मुख्य उद्देश्य:

    • दोनों नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता (Interoperability) बढ़ाना

    • मुक्त, खुली और सुरक्षित समुद्री क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता को प्रबल करना

    • इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना

इस अभ्यास की व्यापकता इसे भारतीय महासागर क्षेत्र में इस वर्ष की एक महत्वपूर्ण समुद्री सुरक्षा घटना बनाती है।

आगे का कार्यक्रम: UK CSG–IAF अभ्यास

  • कोंकण 2025 के समापन के बाद, UK Carrier Strike Group 14 अक्टूबर 2025 को भारतीय वायु सेना (IAF) के साथ एक-दिन का संयुक्त अभ्यास आयोजित करेगा।

  • यह द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नौसैनिक सीमाओं से परे और मजबूत करेगा।

मुख्य बिंदु

विवरण जानकारी
इवेंट Exercise Konkan 2025
तारीखें 5–12 अक्टूबर 2025
प्रतिभागी भारतीय नौसेना और रॉयल नेवी (UK); नॉर्वे और जापान का समर्थन
संपत्ति INS विक्रांत, HMS प्रिंस ऑफ वेल्स, पनडुब्बियाँ, फ्रिगेट, विमान
उद्देश्य अंतर-संचालन क्षमता, समुद्री सुरक्षा, भारत–यूके रणनीतिक साझेदारी
दृष्टि दस्तावेज़ India–UK Vision 2035 के अनुरूप
अनुवर्ती अभ्यास UK Carrier Strike Group + भारतीय वायु सेना, 14 अक्टूबर 2025

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vikash

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