Categories: Business

यूरो ज़ोन पीएमआई लगभग 3 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर, मंदी की चिंता बढ़ी

यूरोप इन दिनों पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। महीनों से यूरोप की अर्थव्यवस्था संघर्ष कर रही है। सबसे बड़ी यूरोपीय अर्थव्यवस्था जर्मनी तो आधिकारिक तौर पर मंदी का शिकार बन चुकी है। अब वैश्विक आर्थिक मंदी का खतरा पहले से कहीं ज्यादा करीब आ चुका है। ताजे आर्थिक आंकड़े इस बात का संकेत कर रहे हैं।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप में इन दिनों डिमांड की हालत बहुत खराब हो गई है। इस महीने यूरोप में कारोबारी गतिविधियों में भारी गिरावट आई है। इसका असर एसएंडपी ग्लोबल के द्वारा तैयार किए जाने वाले पीएमआई आंकड़ों पर पड़ा है। एसएंडपी ग्लोबल के द्वारा तैयार एचसीओबी यूरो जोन कंपोजिट पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स अक्टूबर में कम होकर 46.5 पर आ गया।

 

3 साल में सबसे कम PMI

एसएंडपी के द्वारा तैयार किए जाने वाले कंपोजिट पीएमआई को इकोनॉमी की ओवरऑल सेहत मापने का पैमाना माना जाता है। इससे एक महीने पहले सितंबर में यूरोप का कंपोजिट पीएमआई 47.2 रहा था। अक्टूबर महीने का 46.5 पीएमआई नवंबर 2020 के बाद का सबसे कम है। मतलब यूरोप में आर्थिक गतिविधियां करीब 3 साल में सबसे निचले स्तर पर है।

 

दोनों प्रमुख सेक्टरों का हाल

यूरोप में अभी मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों सेक्टर में काफी नरमी देखी जा रही है। सर्विस सेक्टर का पीएमआई सितंबर के 48.7 से कम होकर अक्टूबर में 47.8 पर आ गया है। यह 32 महीने का सबसे निचला स्तर है। वहीं मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई अक्टूबर में 43 पर रहा है। मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई लगातार 16वें महीने निगेटिव जोन में है।

50 से कम PMI का मतलब

50 से ज्यादा पीएमआई ग्रोथ का संकेत है। पीएमआई का 50 से कम होने का मतलब होता है कि अर्थव्यवस्था संकुचित हो रही है। अभी यूरो जोन में 20 देश हिस्सा हैं। पिछली तिमाही में यूरो जोन की अर्थव्यवस्था लगभग स्थिर रही थी। उसके बाद इस तिमाही में भी यूरोप की अर्थव्यवस्था स्थिर रहने की आशंका है।

 

खराब हो रही स्थिति

नवंबर 2020 के समय जब यूरोप के कंपोजिट पीएमआई में इस तरह की गिरावट आई थी, उस समय दुनिया कोविड-19 महामारी की चपेट में थी। ऐसे में अगर महामारी को छोड़ दें तो कंपोजिट पीएमआई के लिए यह मार्च 2013 के बाद का सबसे खराब स्तर है।

 

Find More Business News Here

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

पायलट फेज के बाद SEBI ने लॉन्च किया PaRRVA सिस्टम

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 'पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी' (PaRRVA) को…

5 hours ago

कैबिनेट का अहम निर्णय: महाराष्ट्र में AI नीति 2026 लागू

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र राज्य कैबिनेट ने महत्वाकांक्षी 'महाराष्ट्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति…

5 hours ago

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: हर आरोपी को त्वरित सुनवाई का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को एक केस की सुनवाई के दौरान मौलिक अधिकारों…

5 hours ago

अब नहीं खोएंगे PF के पैसे, EPFO का नया प्लेटफॉर्म करेगा मदद

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) 'E-PRAAPTI' नाम से एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा…

6 hours ago

आपदा पीड़ितों को राहत: RBI ने लागू किए नए लोन पुनर्गठन नियम

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आपदा-प्रभावित क्षेत्रों के लिए लोन रीस्ट्रक्चरिंग के लिए संशोधित दिशानिर्देश पेश…

7 hours ago

समुद्री साझेदारी मजबूत: भारत और श्रीलंका ने किया DIVEX 2026 अभ्यास

भारत और श्रीलंका ने 21 से 28 अप्रैल तक कोलंबो में द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास 'IN–SLN…

8 hours ago