EU ने 2040 के लिए नया जलवायु लक्ष्य तय किया

यूरोपीय संघ (EU) ने 2 जुलाई 2025 को अपने लंबे समय से प्रतीक्षित जलवायु योजना की घोषणा की, जिसके तहत 2040 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को 1990 के स्तर की तुलना में 90% तक घटाने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना 2050 तक कार्बन न्यूट्रल बनने की ईयू की व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। हालांकि, सभी सदस्य देशों का समर्थन सुनिश्चित करने के लिए इस योजना में कुछ लचीलापन जोड़ा गया है, जिससे विभिन्न देशों में बहस छिड़ गई है।

नया जलवायु लक्ष्य और उसका उद्देश्य

यूरोपीय आयोग ने पुष्टि की है कि 2040 के लिए जलवायु लक्ष्य पहले की तरह ही रहेगा—उत्सर्जन में 90% की कटौती। यह लक्ष्य 2050 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन प्राप्त करने की ईयू की मुख्य योजना की दिशा में एक अहम कदम है, जिसका मतलब है कि यूरोप जितने ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करेगा, उतनी ही या उससे अधिक मात्रा में उन्हें वातावरण से हटाएगा। यह योजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय यूरोप जलवायु परिवर्तन के कारण हीटवेव जैसी गंभीर स्थितियों का सामना कर रहा है, और वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं और भी अधिक सामान्य और खतरनाक होंगी।

योजना में लचीलापन बढ़ने से चिंताएँ

कुछ सदस्य देशों का समर्थन पाने के लिए, जो 90% उत्सर्जन कटौती लक्ष्य को लेकर आशंकित हैं, यूरोपीय संघ की इस योजना में 2036 से कार्बन क्रेडिट के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। इसके तहत देश अपनी कुल उत्सर्जन कटौती का 3% तक हिस्सा यूरोप के बाहर जलवायु-सहायक परियोजनाओं—जैसे वृक्षारोपण या नवीकरणीय ऊर्जा—को फंड करके पूरा कर सकते हैं।

हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर जलवायु कार्यकर्ता नाराज़ हैं। WWF यूरोप और विशेषज्ञ नील मकारॉफ जैसे आलोचकों का कहना है कि यह एक “छुपा हुआ रास्ता” (loophole) बनाता है और यूरोप के भीतर उत्सर्जन घटाने पर से ध्यान हटाता है। उनका मानना है कि इससे यूरोप में हरित निवेश में कमी आ सकती है।

चुनौतियाँ और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

चेक गणराज्य जैसे कुछ देश मानते हैं कि 90% उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य बहुत कठिन है। वहीं, इटली और हंगरी जैसे देश भारी उद्योगों में प्रदूषण कम करने की लागत को लेकर चिंतित हैं—खासकर ऐसे समय में जब यूरोप को चीन और अमेरिका से आर्थिक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

इसके बावजूद, ईयू के जलवायु प्रमुख वॉपके हूकस्त्रा ने कहा कि यह योजना “महत्वाकांक्षी” है लेकिन व्यावहारिकता और लचीलापन भी दिखाती है। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लायन ने कहा कि यह कदम दिखाता है कि यूरोप जलवायु परिवर्तन से लड़ने को लेकर गंभीर है।

अब यह योजना जुलाई के मध्य में यूरोपीय पर्यावरण मंत्रियों द्वारा चर्चा के लिए रखी जाएगी, और 18 सितंबर को वोटिंग होगी। इसके लिए केंद्र-डाएं झुकाव वाले यूरोपीय पीपुल्स पार्टी (EPP) जैसे सांसदों का समर्थन आवश्यक होगा। ईयू उम्मीद कर रहा है कि यह योजना नवंबर में ब्राज़ील में होने वाले COP30 जलवायु सम्मेलन से पहले पारित हो जाएगी।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

आकासा एयर IATA का हिस्सा बनने वाली भारत की 5वीं एयरलाइन बनी

भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…

12 hours ago

स्काईडो को RBI से मिला PA‑CB लाइसेंस

भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…

13 hours ago

विश्व हिंदी दिवस 2026: तारीख, इतिहास, महत्व, थीम

विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…

13 hours ago

ऑस्कर 2026: 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर के लिए पांच भारतीय फिल्में क्वालीफाई

98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…

14 hours ago

मिशन सुदर्शन चक्र: भारत के ड्रोन डिफेंस को मज़बूत बनाना

भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…

15 hours ago

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए ‘आशा वैन’ मोबाइल यूनिट लॉन्च की

गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…

16 hours ago