प्रतिष्ठित संस्कृत और हिंदी विद्वान तथा पद्म श्री धारक डॉ. रमा कांत शुक्ला का निधन उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हो गया है। उनका जन्म यूपी के बुलंदशहर जिले के खुर्ज़ा शहर में हुआ था। डॉ. रमा कांत शुक्ला दिल्ली में देववाणी परिषद के संस्थापक और महासचिव थें, और संस्कृत में एक त्रैमासिक पत्रिका “अरवासिनसंस्कृतम” के संस्थापक अध्यक्ष और संपादक थें। साहित्यिक और संस्कृत संगठनों द्वारा उन्हें संस्कृत राष्ट्रकवि, कविरत्न और कवि सिरोमणि की उपाधियों से सम्मानित किया गया था।
पुरस्कार (Awards):
पुस्तकें: उन्होंने कविता की कई पुस्तकें लिखी हैं, और संस्कृत ग्रंथों और इंडोलॉजी का अध्ययन किया है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]भारत की कर संग्रहण स्थिति 2026 की शुरुआत में मजबूत बनी हुई है। जनवरी 2026…
एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ( Air Marshal Inderpal Singh Walia ) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…
केंद्र और राज्यों के बीच धन के बंटवारे ने एक नए चरण में प्रवेश कर…
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में गुजरात ने बड़ी बढ़त हासिल की है। 31 दिसंबर…
World Wetlands Day 2026: विश्व आर्द्रभूमि दिवस या विश्व वेटलैंड्स डे (World Wetlands Day) पूरे…
रूमेटॉइड आर्थराइटिस को अक्सर केवल जोड़ों के दर्द के रूप में समझ लिया जाता है,…