प्रसिद्ध बंगाली कवि, शंख घोष (Shankha Ghosh) का COVID-19 समस्याओं के बाद निधन हो गया है. उन्हें उनके उपनाम कुंतक (Kuntak) से जाना जाता था. उन्हें बंगाली साहित्य में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें 2011 में पद्म भूषण, 2016 में ज्ञानपीठ पुरस्कार, और 1977 में उनकी पुस्तक ‘बाबरेर प्रार्थना’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार, साथ ही सरस्वती सम्मान और अन्य पुरस्कारों में रवीन्द्र पुरस्कार शामिल है.
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