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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ECB ने महिला क्रिकेट में ट्रांसजेंडर महिलाओं पर प्रतिबंध लगाया

इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने घोषणा की है कि अब ट्रांसजेंडर महिलाओं को सभी स्तरों पर महिला क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह निर्णय हाल ही में यूके सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के अनुरूप है जो जैविक लिंग के आधार पर महिलाओं की कानूनी मान्यता को परिभाषित करता है। कानूनी और खेल विकास के जवाब में इस बदलाव को लागू करते हुए ईसीबी मिश्रित और खुली श्रेणियों के माध्यम से समावेशिता पर अपना रुख बनाए रखता है।

समाचार में क्यों?

इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने एक ऐतिहासिक नीति परिवर्तन की घोषणा की है, जिसके तहत अब ट्रांसजेंडर महिलाएं महिला क्रिकेट में किसी भी स्तर पर भाग नहीं ले सकेंगी। यह निर्णय अप्रैल 2025 में यूके सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के अनुरूप है, जिसमें महिलाओं की कानूनी मान्यता को जैविक लिंग (Biological Sex) के आधार पर परिभाषित किया गया है। ECB का कहना है कि वह समावेशिता (Inclusivity) को बनाए रखेगा, लेकिन महिला क्रिकेट में निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव जरूरी है।

पृष्ठभूमि और उद्देश्य

  • सुप्रीम कोर्ट का निर्णय (अप्रैल 2025): महिलाओं की कानूनी पहचान केवल जैविक रूप से महिला जन्मे व्यक्तियों तक सीमित।

  • ECB नीति में बदलाव: अब केवल जैविक रूप से महिला ही महिला क्रिकेट में भाग ले सकती हैं।

  • ओपन/मिक्स्ड क्रिकेट में भागीदारी: ट्रांसजेंडर खिलाड़ी मिश्रित या ओपन श्रेणियों में भाग ले सकते हैं।

  • उद्देश्य: महिला क्रिकेट में निष्पक्षता और सुरक्षा बनाए रखना, जबकि वैकल्पिक तरीकों से समावेशिता को बढ़ावा देना।

मुख्य नीति परिवर्तन

  • पहली नीति (2024): जो ट्रांस महिलाएं पुरुष यौवन (puberty) से नहीं गुज़री थीं, वे शीर्ष दो स्तरों में खेल सकती थीं; अन्य तीसरे स्तर तक सीमित थीं।

  • नई नीति (मई 2025): अब किसी भी स्तर पर ट्रांस महिलाओं को महिला क्रिकेट से पूरी तरह बाहर किया गया है, चाहे ट्रांज़िशन का कोई भी चरण हो।

  • प्रभावी तिथि: 2 मई 2025 से तत्काल लागू।

प्रभाव और प्रतिक्रियाएँ

  • मानवाधिकार बहस: “Sex Matters” जैसे समूह इस निर्णय को कानूनी और न्यायसंगत मानते हैं; जबकि कई ट्रांसजेंडर खिलाड़ी और कार्यकर्ता परामर्श की कमी को लेकर आलोचना कर रहे हैं।

  • खेल जगत की प्रवृत्ति: फुटबॉल, नेटबॉल, स्विमिंग, एथलेटिक्स, साइक्लिंग और पूल जैसे अन्य खेलों ने भी इसी प्रकार की नीति लागू की है।

  • खिलाड़ियों की आवाज़: ट्रांसजेंडर खिलाड़ी एमेलिया शॉर्ट जैसी व्यक्तियों का मानना है कि उनकी भागीदारी से न तो सुरक्षा और न ही निष्पक्षता प्रभावित होती है।

स्थैतिक और प्रासंगिक तथ्य

  • ECB मुख्यालय: लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड, लंदन

  • स्थापना: 1997, इंग्लैंड और वेल्स में क्रिकेट का शासी निकाय

  • वर्तमान संदर्भ: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) पहले ही 2023 में पुरुष यौवन पार कर चुके ट्रांस महिलाओं पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध लगा चुका है।

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vikash

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