दुबई ने आव्रजन काउंटरों की जगह एआई-संचालित यात्री गलियारा शुरू किया

दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में मशहूर दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (DXB) ने हवाई यात्रा को भविष्य की दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम उठाया है। “ट्रैवल विदआउट बॉर्डर्स” पहल के तहत दुबई ने एआई-संचालित पैसेंजर कॉरिडोर लॉन्च किया है, जिसमें यात्रियों को अब इमिग्रेशन के लिए किसी भी तरह के दस्तावेज़ दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री महज़ 14 सेकंड में इमिग्रेशन क्लियर कर सकेंगे।

एआई पैसेंजर कॉरिडोर क्या है?

यह एक दस्तावेज़-मुक्त ट्रैवल पथ है, जिसमें यात्री केवल निर्धारित कॉरिडोर से गुजरते हैं और उनका इमिग्रेशन अपने-आप हो जाता है।

  • चेहरे की पहचान (Facial Recognition) और पूर्व-पंजीकृत बायोमेट्रिक डाटा से सत्यापन

  • पासपोर्ट, बोर्डिंग पास या इमिग्रेशन अधिकारियों से बातचीत की ज़रूरत नहीं

  • 14 सेकंड में क्लियरेंस

  • एक बार में 10 यात्री तक की क्षमता

  • संदिग्ध मामलों को स्वचालित रूप से सुरक्षा अधिकारियों को भेजा जाएगा

यह प्रणाली फिलहाल टर्मिनल 3 के फर्स्ट और बिज़नेस क्लास लाउंज में शुरू की गई है। यह 2020 में लॉन्च हुए “स्मार्ट टनल” का अगला चरण है।

भविष्य की स्मार्ट यात्रा: दुबई का विज़न

दुबई की Unlimited Smart Travel Initiative का उद्देश्य आने वाले समय में पासपोर्ट कंट्रोल को पूरी तरह समाप्त करना है। जनरल डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अहमद अल मरी के अनुसार, यह पहल दुबई की “फ्रिक्शनलेस, इंटेलिजेंट और सिक्योर ट्रैवल” की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इसके लक्ष्य हैं:

  • एआई-संचालित सार्वजनिक सेवाओं में वैश्विक नेतृत्व

  • विमानन और स्मार्ट सिटी टेक्नोलॉजी में नए मानक स्थापित करना

  • यात्रियों और निवेशकों को नवाचार के जरिए आकर्षित करना

वैश्विक महत्व और तुलना

दुबई हवाई अड्डा लगातार 11वें वर्ष दुनिया का सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना है। इस नई तकनीक के साथ वह अन्य वैश्विक हब से आगे निकल गया है।

  • अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के हवाई अड्डे बायोमेट्रिक गेट्स का परीक्षण कर रहे हैं, लेकिन अभी भी पासपोर्ट और बोर्डिंग पास पर निर्भर हैं।

  • दुबई का मॉडल पूरी तरह दस्तावेज़-रहित है, जिससे यह सुरक्षा और दक्षता दोनों ही दृष्टिकोण से भविष्य के अंतरराष्ट्रीय यात्रा मानकों की दिशा तय करता है।

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vikash

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