रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज से तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ का अंतिम परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस मिसाइल के सफल अंतिम परीक्षण के बाद टैंक-रोधी मिसाइल नाग भारतीय सेना में शामिल होने के लिए तैयार है। अंतिम परीक्षण के बाद, मिसाइल अब उत्पादन चरण में प्रवेश करेगी।
“NAG” के बारे में:
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए
महत्वपूर्ण तथ्य-
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…
शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…
भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…