रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation – DRDO) ने 01 जनवरी, 2022 को अपनी स्थापना का 64 वां स्थापना दिवस मनाया है। DRDO की स्थापना 1958 में रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान कार्य को बढ़ाने के लिए सिर्फ 10 प्रयोगशालाओं के साथ की गई थी। उस समय, इसे भारतीय सशस्त्र बलों के लिए अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों को डिजाइन और विकसित करने का काम सौंपा गया था।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
हिन्दू रिव्यू नवम्बर 2021, Download Monthly Hindu Review PDF in Hindi
DRDO अब तक, कई अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिसमें वैमानिकी, आयुध, लड़ाकू वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन, इंजीनियरिंग सिस्टम, मिसाइल, सामग्री, नौसेना प्रणाली, उन्नत कंप्यूटिंग, सिमुलेशन, साइबर, जीवन विज्ञान और रक्षा के लिए अन्य प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
सुप्रीम कोर्ट ने दत्तक (गोद लेने वाली) माताओं के लिए मातृत्व अवकाश पर लगी उम्र…
ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन विधेयक 2026 संसद में पेश किया गया है। यह विधेयक 2019 के…
पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से श्री गुरु तेग बहादुर वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी बिल 2026 को पारित…
गुजरात ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया…
अमेरिका और इजराइल की तरफ से ईरान पर हमले (Israel Iran War) लगातार जारी हैं,…
ईरान-इजरायल जंग थमने का नाम नहीं ले रही। मिडिल ईस्ट में संकट अब तक बरकरार…