DPIIT और Mercedes-Benz India ने विनिर्माण, सड़क सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने हेतु किया समझौता

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने भारत में विनिर्माण, सड़क सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य स्टार्टअप्स को बुनियादी ढांचा, मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और बाजार से जुड़ाव के अवसर प्रदान करना है। इसके अलावा, यह साझेदारी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और ज्ञान विनिमय को भी बढ़ावा देगी, जिससे ऑटोमोबाइल क्षेत्र में तकनीकी प्रगति और स्थायी नवाचार को बल मिलेगा।

उद्देश्य और मुख्य क्षेत्र

  • भारत में विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करना।
  • सड़क सुरक्षा को प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से बढ़ावा देना।
  • ग्रीन सॉल्यूशंस द्वारा ऑटोमोबाइल सेक्टर में स्थिरता को बढ़ाना।
  • इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग को बढ़ावा देना ताकि प्रभावशाली नवाचार हो सकें।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और ज्ञान विनिमय के लिए अवसर उपलब्ध कराना।

डीपीआईआईटी की भूमिका

  • स्टार्टअप्स को विनिर्माण, स्थिरता और सड़क सुरक्षा क्षेत्रों में सहायता देने के लिए एक संरचित ढांचा प्रदान करना।
  • उभरते व्यवसायों के लिए मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और बाजार कनेक्शन उपलब्ध कराना।
  • वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ भागीदारी करके तकनीकी नवाचारों को प्रोत्साहित करना।

मर्सिडीज-बेंज इंडिया की भूमिका

  • अपने ऑटोमोटिव इनोवेशन के अनुभव का उपयोग करके भारतीय स्टार्टअप्स का समर्थन करना।
  • कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहलों के माध्यम से समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालना।
  • इनक्यूबेटर्स और अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर उन्नत निर्माण समाधान विकसित करना।

मुख्य अधिकारियों के बयान

  • संजय, संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी – यह समझौता जिम्मेदार और स्थायी नवाचारों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विनिर्माण को सशक्त बनाएगा।
  • डॉ. सुमीत कुमार जरंगल, निदेशक, स्टार्टअप इंडिया – यह साझेदारी स्टार्टअप्स को वैश्विक सर्वोत्तम प्रक्रियाओं और महत्वपूर्ण उद्योग नेटवर्क तक पहुंचने में मदद करेगी।
  • संतोष अय्यर, प्रबंध निदेशक, मर्सिडीज-बेंज इंडिया – कंपनी स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स और संस्थानों को CSR फंडिंग के माध्यम से समर्थन देगी।

अपेक्षित प्रभाव

  • भारत के ऑटोमोटिव और विनिर्माण क्षेत्रों को मजबूत करना।
  • सड़क सुरक्षा और स्थिरता में नवाचार को बढ़ावा देना।
  • स्टार्टअप्स को समर्थन देकर उन्हें स्केल और नई तकनीकों के विकास में मदद करना।
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vikash

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