अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर भारतीय आयात पर शुल्क दोगुना कर 50% किया

व्यापार तनाव में तेज़ वृद्धि करते हुए, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत भारतीय आयात पर शुल्क को दोगुना कर 50% कर दिया गया है। यह निर्णय भारत द्वारा रूसी तेल की लगातार खरीद को कारण बताते हुए लिया गया है। इस कदम के तहत मौजूदा 25% शुल्क के अलावा अतिरिक्त 25% एड वैलोरम ड्यूटी लगाई जाएगी, जो 21 दिनों में प्रभावी हो जाएगी। यह निर्णय बुधवार देर रात व्हाइट हाउस द्वारा घोषित किया गया और ट्रंप के उस बयान के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने CNBC को दिए एक इंटरव्यू में संकेत दिया था कि वह भारत पर “काफी अधिक” टैरिफ बढ़ा सकते हैं।

टैरिफ बढ़ोतरी का कारण क्या है?

व्हाइट हाउस के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह शुल्क वृद्धि भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात से जुड़ी है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि ये आयात अमेरिका के उस राष्ट्रीय आपातकाल से निपटने के प्रयासों को कमजोर करते हैं, जो कार्यकारी आदेश 14024 और 14066 के तहत घोषित किया गया था — जिनका उद्देश्य यूक्रेन पर रूस की कार्रवाई के लिए उसे दंडित करना है।

आदेश में यह तर्क दिया गया है कि अतिरिक्त टैरिफ रूस की लगातार आक्रामकता से उत्पन्न खतरे से अधिक प्रभावी ढंग से निपटेगा और अन्य देशों को रूसी तेल खरीदकर अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार करने से हतोत्साहित करेगा।

कार्यकारी आदेश का विवरण

अतिरिक्त शुल्क: मौजूदा 25% टैरिफ पर 25% का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है, जिससे भारतीय आयात पर कुल शुल्क 50% हो गया है।
लागू होने की समयसीमा: हस्ताक्षर की तिथि से 21 दिनों के भीतर प्रभावी होगा (उन वस्तुओं को छूट मिलेगी जो समय सीमा से पहले ही भेज दी गई हैं)।
दायरा: यह अमेरिका के सीमा शुल्क क्षेत्र में भारत से आयात होने वाली सभी वस्तुओं पर लागू होगा।

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे “अनुचित, अन्यायपूर्ण और असंगत” बताया है और अमेरिका पर एकतरफा निशाना साधने का आरोप लगाया है। भारत ने यह भी इंगित किया कि यूरोपीय संघ अमेरिका के साथ राजनीतिक मतभेदों के बावजूद व्यापार करता रहा है, और यह कदम केवल नई दिल्ली को अनुचित रूप से निशाना बना रहा है।

इस निर्णय को “राजनीतिक रूप से प्रेरित और आर्थिक रूप से हानिकारक” बताया गया है और चेतावनी दी गई है कि इससे द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जो पहले से ही ट्रंप प्रशासन के पिछले टैरिफ बढ़ोतरी के कारण तनावपूर्ण रहे हैं।

आर्थिक और व्यापारिक प्रभाव

यह शुल्क वृद्धि ऐसे समय में आई है जब भारत–अमेरिका व्यापार बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। 2024 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार $190 बिलियन से अधिक रहा।

भारतीय निर्यातकों — खासकर वस्त्र, इंजीनियरिंग सामान, दवाओं और आईटी हार्डवेयर जैसे क्षेत्रों में — को अमेरिकी बाजार में लागत संबंधी प्रतिस्पर्धा में भारी नुकसान हो सकता है।

आर्थिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह कदम भारत को अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाने के लिए प्रेरित कर सकता है और नई दिल्ली रूस, चीन तथा दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों जैसे साझेदारों के साथ व्यापारिक संबंधों को और गहरा कर सकती है।

भूराजनीतिक पृष्ठभूमि

यह शुल्क वृद्धि एक व्यापक भूराजनीतिक संघर्ष का हिस्सा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद रूसी तेल से होने वाली कमाई को सीमित करने का प्रयास किया है, जबकि भारत ने अपनी ऊर्जा खरीद को राष्ट्रीय हित और मूल्य स्थिरता से प्रेरित बताया है।

ट्रंप का यह नवीनतम कदम उनके “अमेरिका फर्स्ट” व्यापार नीति से मेल खाता है, जिसमें उन्होंने चीन, मैक्सिको और यूरोपीय संघ के खिलाफ भी कठोर टैरिफ लगाए हैं।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 day ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 days ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 days ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

3 days ago

भारत का पहला पूरी तरह डिजिटल बैंकिंग अपनाने वाला राज्य कौन-सा है? जानिए कैसे बदली बैंकिंग की तस्वीर

भारत में पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल क्रांति ने बैंकिंग सेक्टर की तस्वीर पूरी तरह…

3 days ago

World Red Cross Day 2026: क्यों मनाया जाता है रेड क्रॉस डे? जानें इतिहास, थीम, महत्व

प्रत्येक वर्ष 8 मई को दुनिया-भर में World Red Cross Day के रूम में मनाया जाता…

6 days ago