यह उपयोगकर्ता पूर्वेक्षण फायरिंग का तीसरा और अंतिम चरण था जिसमें पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में बैटरी गठन में छः धनुष तोपे दागी गई थीं. परीक्षणों का पहला चरण जुलाई और सितंबर 2016 के बीच पोखरण और बाबीना पर्वतमाला के बीच आयोजित किया गया था और दूसरा चरण अक्टूबर और दिसंबर 2016 के बीच तीन तोपों के साथ सियाचिन बेस शिविर में आयोजित किया गया था.
धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…
शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…
भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…