उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से धराली गांव में भारी तबाही

हाल ही में उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले के धाराली गाँव में खीर गंगा नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से आई भीषण फ्लैश फ्लड (आकस्मिक बाढ़) ने भारी तबाही मचाई। गंगोत्री धाम की तीर्थयात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माने जाने वाला यह गाँव, मूसलाधार पानी की चपेट में आ गया, जिससे घरों, दुकानों और सड़कों को भारी नुकसान पहुँचा। बाढ़ के पानी के साथ आई कीचड़, मलबा और विनाश की तस्वीरें गाँव में चारों ओर फैली नजर आईं, जिससे पूरे क्षेत्र में निराशा और भय का माहौल छा गया है।

फ्लैश फ्लड का कारण
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, खीर गंगा नदी के ऊपरी क्षेत्रों में बादल फटने की घटना हुई, जिससे हर्सिल क्षेत्र में खीर गढ़ का जलस्तर अचानक तेज़ी से बढ़ गया। इस अचानक बढ़े जलप्रवाह ने धाराली गाँव में तबाही मचा दी, जिससे भीषण बाढ़ और व्यापक विनाश हुआ।

तबाही की भयावह तस्वीर
तेज़ बहाव वाले बाढ़ के पानी ने धाराली गाँव को तहस-नहस कर दिया।

  • कई घरों, दुकानों और सड़कों को बर्बाद कर दिया गया।

  • होटल और होमस्टे पूरी तरह ध्वस्त हो गए।

  • स्थानीय लोगों को आशंका है कि 10 से 12 मज़दूर मलबे में दबे हो सकते हैं, जो ढह गई इमारतों के नीचे फंसे हैं।

  • घटनास्थल से आई वीडियो और तस्वीरों में प्रकृति की बेकाबू शक्ति साफ देखी जा सकती है।

जीविका को हुआ नुकसान
धाराली के अलावा, बड़कोट तहसील के बनाला पट्टी क्षेत्र में कुड गधेरे के उफान से 18 बकरियां बह गईं, जिससे स्थानीय पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। यह घटना दर्शाती है कि हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाएं मानव जीवन के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गहरा आघात पहुँचाती हैं।

राहत और बचाव कार्य
आपदा के तुरंत बाद:

  • राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुँचीं।

  • सेना की इकाइयों ने भी राहत और निकासी कार्यों में सहयोग शुरू किया।

  • हर्सिल और भटवाड़ी के स्थानीय प्रशासन ने राहत सामग्री और संसाधन जुटाने शुरू किए।

टीमें अब भी मलबे में दबे मज़दूरों को खोजने और बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन खराब मौसम, तेज़ बहाव और दुर्गम भौगोलिक स्थिति कार्य में बाधा बन रही है।

मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 10 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में ज़ोरदार बारिश के चलते भूस्खलन, बाढ़ और सड़क अवरोधों का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

आगे की चुनौतियाँ

  • धाराली की पहुंच में कठिनाई के कारण भारी बचाव उपकरण वहाँ नहीं पहुँच पा रहे हैं।

  • लगातार बारिश राहत कार्यों में रुकावट डाल रही है और द्वितीयक आपदाओं का खतरा बढ़ा रही है।

  • कुछ प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था ठप हो गई है, जिससे समन्वय में दिक्कतें आ रही हैं।

यह घटना एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों की भौगोलिक संवेदनशीलता और जलवायु जोखिमों को उजागर करती है, जिनसे निपटने के लिए ठोस रणनीति और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की आवश्यकता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

आकासा एयर IATA का हिस्सा बनने वाली भारत की 5वीं एयरलाइन बनी

भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…

20 hours ago

स्काईडो को RBI से मिला PA‑CB लाइसेंस

भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…

21 hours ago

विश्व हिंदी दिवस 2026: तारीख, इतिहास, महत्व, थीम

विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…

21 hours ago

ऑस्कर 2026: 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर के लिए पांच भारतीय फिल्में क्वालीफाई

98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…

22 hours ago

मिशन सुदर्शन चक्र: भारत के ड्रोन डिफेंस को मज़बूत बनाना

भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…

23 hours ago

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए ‘आशा वैन’ मोबाइल यूनिट लॉन्च की

गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…

24 hours ago