दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 24 मार्च 2026 को वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया, जिसका कुल आकार ₹1,03,700 करोड़ है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.7% अधिक है। इस बजट को “ग्रीन बजट” के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और नागरिक सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई है।
इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता पर्यावरणीय स्थिरता पर जोर है। सरकार ने कुल बजट का लगभग 21% हिस्सा ग्रीन पहलों के लिए आवंटित किया है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दिल्ली विशेष रूप से सर्दियों में गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या से जूझती है।
सरकार का लक्ष्य है कि सभी नीतियों में “ग्रीन दृष्टिकोण” अपनाया जाए, ताकि विकास के साथ पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
ये सभी कदम प्रदूषण कम करने और शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए हैं।
इन निवेशों का उद्देश्य स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है।
यह बजट “स्वच्छ पर्यावरण + सतत विकास” के सिद्धांत पर आधारित है। यह न केवल प्रदूषण से निपटने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि दिल्ली के समग्र विकास को भी सुनिश्चित करता है।
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