दिल्ली ने आयुष्मान भारत योजना लागू की और 35वां राज्य बना

दिल्ली सरकार ने राजधानी में बहुप्रतिक्षित आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान योजना) को लागू करने के लिए केंद्र के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही, दिल्ली इस स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने वाला 35वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बन गया। पश्चिम बंगाल अब एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने इस योजना को लागू नहीं किया है। यह योजना भारत सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य पहल है, और अब राष्ट्रीय राजधानी के निवासी भी इसके लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस निर्णय को एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया और कहा कि इससे अधिक से अधिक लोगों को व्यापक स्वास्थ्य कवरेज का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने पूर्ववर्ती आप सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि योजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी की गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि लाभार्थियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 10 अप्रैल 2025 से शुरू होगी। यह योजना पहले से ही देश के 34 अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है, और अब दिल्ली की भागीदारी इसके दायरे का और विस्तार करती है, जिससे क्षेत्र के लाखों लोगों की स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच सुनिश्चित होगी।

मुख्य बिंदु

ऐतिहासिक कदम
दिल्ली द्वारा आयुष्मान भारत योजना को औपचारिक रूप से अपनाना एक ऐतिहासिक निर्णय माना गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे राजधानी के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य लाभों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

PMJAY का विवरण
आयुष्मान भारत योजना एक व्यापक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करता है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को देशभर के चिन्हित अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है।

पूर्व की देरी
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने इस योजना को लागू करने में अनावश्यक देरी की। उन्होंने घोषणा की कि योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 10 अप्रैल 2025 से शुरू होगी।

एमओयू पर हस्ताक्षर
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और दिल्ली सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो राजधानी में इस योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को आसान बनाएगा।

मुख्य लाभ
आयुष्मान भारत योजना पहले से ही 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है और 50 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ पहुंचा रही है। यह योजना आर्थिक जाति जनगणना पर आधारित है। इसके अतिरिक्त, इसमें 36 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स जैसे आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी शामिल हैं।

राष्ट्रीय प्रभाव
यह योजना अपने व्यापक दायरे और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रशंसा प्राप्त कर चुकी है, जिससे करोड़ों कमजोर वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य और जीवन बीमा के माध्यम से चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

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vikash

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