दिल्ली विधानसभा पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाली भारत की पहली विधानसभा बनी

दिल्ली विधान सभा ने इतिहास रचते हुए भारत की पहली ऐसी विधान सभा बनने का गौरव प्राप्त किया है जो पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित हो रही है। यह उपलब्धि विधानसभा की छत पर 500 किलोवॉट की सौर ऊर्जा परियोजना के चालू होने के साथ हासिल हुई है, जो सतत और पर्यावरण-अनुकूल शासन की दिशा में एक अहम कदम है।

सौर ऊर्जा पर स्विच करने के साथ-साथ, दिल्ली विधानसभा ने “वन नेशन, वन एप्लिकेशन” पहल के तहत राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) को भी लॉन्च किया है। इस एप्लिकेशन के माध्यम से विधानसभा की कार्यवाही अब कागज रहित (पेपरलेस) होगी, जिससे कार्यकुशलता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

सतत विकास की ओर सौर ऊर्जा का कदम
दिल्ली विधानसभा भवन की छत पर स्थापित 500 किलोवॉट की सौर ऊर्जा परियोजना से हर महीने लगभग ₹15 लाख की बिजली बचत होगी, जिससे सालाना करीब ₹1.75 करोड़ की बचत संभव है। विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता के अनुसार, इस बचत को राजधानी में विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

इस परियोजना में नेट मीटरिंग की सुविधा भी शामिल है, जिससे अतिरिक्त सौर ऊर्जा को बिजली ग्रिड में वापस भेजा जा सकेगा।

“यह केवल अवसंरचना का उन्नयन नहीं, बल्कि संस्थागत मूल्यों में बदलाव है।”

विरासत और आधुनिकता का संगम
1912 में निर्मित यह ऐतिहासिक भवन, कभी भारत की पहली संसद का घर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, “विरासत और विकास साथ चलेगा”, जो इस भवन के ऐतिहासिक महत्व और तकनीकी उन्नयन के बीच संतुलन को दर्शाता है।

NeVA – काग़ज़ रहित विधान प्रक्रिया का भविष्य
आगामी मानसून सत्र में पूरी तरह लागू होने जा रहा राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA), विधायकों को डिजिटल रूप से सक्षम वातावरण में कार्य करने की सुविधा देगा।

मुख्य विशेषताएं:

  • माइक्रोफोन और वोटिंग पैनल वाले स्मार्ट डेलीगेट यूनिट

  • सदस्यों के लिए RFID/NFC आधारित सुरक्षित प्रवेश

  • बहुभाषी समर्थन के साथ बहस और कार्यवाही

  • iPad पर तत्काल दस्तावेज़ों की पहुंच

  • HD कैमरों वाला स्वचालित ऑडियो-विज़ुअल सिस्टम

  • निर्बाध सत्रों के लिए सुरक्षित पावर-बैकअप नेटवर्क

आधिकारिक लॉन्च से पहले विधायकों के साथ सफल ट्रायल रन भी किया गया, जिससे उन्हें इस प्रणाली से परिचित होने का मौका मिला।

अन्य राज्यों के लिए आदर्श मॉडल
पूरी तरह सौर ऊर्जा चालित और डिजिटल विधान प्रक्रिया वाली दिल्ली विधानसभा ने स्थायित्व और डिजिटल शासन का एक राष्ट्रीय मानक स्थापित किया है। यह मॉडल अन्य राज्यों की विधानसभाओं को भी हरित (ग्रीन) और काग़ज़ रहित कार्य प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

17 hours ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

17 hours ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

18 hours ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

18 hours ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

18 hours ago