भारत के विशाल पूर्व सैनिक समुदाय के कल्याण को मज़बूत करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने क्वालिटी काउंसिल ऑफ़ इंडिया (QCI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य पूरे देश में 63 लाख से अधिक पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को पेंशन, स्वास्थ्य सेवाएँ, पुनर्वास और अन्य कल्याणकारी सेवाएँ बेहतर ढंग से उपलब्ध कराना है।
इस समझौते के तहत पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (DESW) की मदद के लिए QCI निम्न कार्य करेगा—
सेवा वितरण प्रणालियों का डिजिटल मूल्यांकन
प्रभाव आकलन (impact assessment)
साक्ष्य-आधारित नीतिगत सिफारिशें प्रस्तुत करना
इससे पूर्व सैनिकों के समर्थन तंत्र का आधुनिकीकरण होगा और सेवाएँ अधिक कुशल, डेटा-आधारित और उत्तरदायी बनेंगी।
इस MoU का एक प्रमुख फोकस है—
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और निगरानी को मज़बूत करना
सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में पुनर्नियोजन (re-employment) के अवसरों का विस्तार करना
राज्य और ज़िला स्तर पर सैनिक बोर्डों की संरचना को मजबूत करना
पूर्व सैनिकों के लिए उद्यमिता (entrepreneurship) और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देना
यह सहयोग कल्याण की लाभार्थी-केन्द्रित मॉडल से आगे बढ़कर एक संस्थागत सुधार-आधारित मॉडल की ओर बदलाव का प्रतीक है। इसमें बल दिया गया है—
सेवा वितरण में गुणवत्ता आश्वासन (quality assurance)
पारदर्शिता और पहुँच बढ़ाने के लिए डिजिटल एकीकरण
पारंपरिक सहायता से आगे बढ़कर पूर्व सैनिक सशक्तिकरण
यह MoU सरकार की उस प्रतिबद्धता को दोहराता है जिसके तहत पूर्व सैनिकों, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में योगदान दिया है, को सम्मानजनक और सहज सेवानिवृत्ति-उपरांत सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।
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